कौशांबी में पत्रकार से अभद्रता का आरोप : इंस्पेक्टर ने पीड़ित को फोन पर दी गाली, ऑडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश

उत्तरप्रदेश|18 अप्रैल 2026
इंस्पेक्टर ने पीड़ित को फोन पर दी गाली, ऑडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पुलिसकर्मियों द्वारा एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि सराय अकिल थाना क्षेत्र की कनैली चौकी में तैनात पुलिस अधिकारियों ने एक स्थानीय पत्रकार को न केवल गालियां दीं, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना का एक ऑडियो भी सामने आया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

पीड़ित पत्रकार आदित्य सिंह के अनुसार, इंस्पेक्टर वीर प्रताप सिंह ने उन्हें फोन पर करीब आठ मिनट में 100 से अधिक गालियां दीं। आरोप है कि इस दौरान उन्हें राइफल से गोली मारने, झूठे मुकदमे में फंसाने और अपमानजनक व्यवहार करने की धमकी दी गई। पत्रकार का कहना है कि यह सब इसलिए हुआ क्योंकि वे एक शिकायत से जुड़ी खबर का कवरेज कर रहे थे।

घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है, जब आदित्य सिंह कनैली चौकी पहुंचे थे। वहां एक महिला पेड़ काटने की शिकायत लेकर आई थी। पत्रकार ने उसके प्रार्थना पत्र की फोटो खींच ली, जिससे चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह नाराज हो गए। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद पत्रकार वहां से लौट गए।

रात में जबरन उठाकर ले जाने का आरोप

पीड़ित के मुताबिक, उसी रात करीब 9:30 बजे चौकी इंचार्ज और कुछ पुलिसकर्मी उन्हें घर के पास से जबरन उठाकर चौकी ले गए। वहां पहले से मौजूद इंस्पेक्टर वीर प्रताप सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज की।

आरोप है कि उन्हें थाने में बैठाकर रखा गया और मारपीट भी की गई। पीड़ित का कहना है कि उन्हें बुधवार देर रात से शुक्रवार दोपहर तक थाने में रोके रखा गया।

ऑडियो वायरल होने से बढ़ा मामला

इस घटना से जुड़ा एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर इंस्पेक्टर द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल और धमकी देते हुए सुना जा सकता है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

पत्रकार संगठनों ने उठाई आवाज

मामले की जानकारी मिलने के बाद पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और पीड़ित पत्रकार को थाने से रिहा किया गया।

अवैध खनन की खबर से नाराजगी का आरोप

पीड़ित पत्रकार का कहना है कि उन्होंने हाल ही में यमुना नदी में हो रहे अवैध खनन और ओवरलोडिंग को लेकर खबर प्रकाशित की थी। इसी कारण पुलिसकर्मी उनसे नाराज थे और बदले की भावना से यह कार्रवाई की गई।

एसपी ने दिए जांच के आदेश

जिले के पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश प्रजापति ने इस घटना पर खेद जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है और ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच कराई जा रही है। एसपी ने कहा कि 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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