लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा: गोरखपुर में 32 बिल्डिंगों का नक्शा फेल, कानपुर में मिले 31 अवैध निर्माण

उत्तरप्रदेश|2 घंटे पहले
गोरखपुर में 32 बिल्डिंगों का नक्शा फेल, कानपुर में मिले 31 अवैध निर्माण

लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमें कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रही हैं। फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन उपकरण, भवन मानचित्र और बेसमेंट के उपयोग की जांच की जा रही है। कई जिलों में मानकों की अनदेखी मिलने पर कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की गई है।

गोरखपुर में गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने हाल ही में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान होटल, अस्पताल, मैरिज हाल, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों समेत 164 व्यावसायिक भवनों का निरीक्षण किया। जांच में 65 प्रतिष्ठानों के पास फायर एनओसी नहीं मिली। वहीं, 32 भवनों का नक्शा स्वीकृत नहीं पाया गया। कई जगहों पर पार्किंग के लिए स्वीकृत बेसमेंट का उपयोग अन्य गतिविधियों में किए जाने की बात भी सामने आई। लखनऊ हादसे के बाद जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कोचिंग संस्थानों और बेसमेंट में संचालित गतिविधियों की विशेष जांच के निर्देश दिए हैं।

कानपुर में 16 कोचिंग संस्थानों को किया सील

कानपुर में भी कार्रवाई का असर देखने को मिला। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने काकादेव क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर बेसमेंट में संचालित 16 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। केडीए सचिव अभय कुमार पांडे ने बताया कि अब तक 31 अवैध निर्माण और बेसमेंट में चल रहे संस्थानों पर कार्रवाई की जा चुकी है और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

वाराणसी में पांच सेंटरों में मिलीं खामियां

मेरठ में जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने कोचिंग सेंटरों में फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा इंतजामों की जांच की। वहीं वाराणसी में नौ कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण के दौरान पांच में अग्निशमन सुरक्षा संबंधी खामियां मिलीं। कई स्थानों पर स्मोक डिटेक्टर निष्क्रिय पाए गए। वहीं, कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के संचालन की जानकारी तक नहीं थी। संबंधित संस्थानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रदेशभर में चल रहे इस अभियान के बाद कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीरता बढ़ी है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरे अभिभावक

लखनऊ अग्निकांड के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल है। बड़ी संख्या में माता-पिता कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई अभिभावक बच्चों को कोचिंग भेजने से पहले भवन की संरचना, फायर सेफ्टी और इमरजेंसी निकास की जानकारी जुटा रहे हैं। कुछ परिवारों ने फिलहाल बच्चों की ऑफलाइन कोचिंग बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जरूरी है। लेकिन बच्चों की सुरक्षा उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।

कार्रवाई के डर से सतर्क हुए संचालक

लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में चल रही जांच और सीलिंग कार्रवाई ने कोचिंग संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में नोटिस, सीलिंग और निरीक्षण की कार्रवाई के बाद संचालकों में प्रशासनिक कार्रवाई का डर साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से अधिकांश संस्थान अब फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशमन यंत्र और निकासी मार्गों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए हैं। कई कोचिंग संचालक बेसमेंट में संचालित कक्षाओं और लाइब्रेरी को अन्य स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी है। वहां जल्द से जल्द कमियां दूर करने का काम शुरू कर दिया गया है। संचालकों को आशंका है कि यदि निरीक्षण में अनियमितता मिली तो उनके संस्थान पर सीलिंग, जुर्माना या अन्य कठोर कार्रवाई हो सकती है। यही कारण है कि प्रदेशभर में कोचिंग संस्थान अब सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से अधिक गंभीर नजर आ रहे हैं।

नव्य जागरण

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