एमपीओ ने आयोजित किया दो दिवसीय करियर प्रोग्राम: बच्चों को मिला वैज्ञानिक मार्गदर्शन, काउंसलरों ने जांची छात्रों की रुचि

श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एमपीओ) ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रहा है। इसके साथ ही, यह संस्था अब उनके बच्चों के भविष्य को भी नई दिशा देने का काम कर रही है। एमपीओ से जुड़ी महिलाओं के कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले बच्चों के लिए दो दिवसीय करियर डेवलपमेंट एंड गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एक्सपर्ट्स ने विद्यार्थियों की रुचि, योग्यता और क्षमता का वैज्ञानिक आकलन कर उन्हें उपयुक्त करियर विकल्पों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में करियर काउंसलरों ने मनोवैज्ञानिक परीक्षण और संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों की अभिरुचि का मूल्यांकन किया। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आयोजित इस कार्यशाला में करीब 100 विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों के साथ भाग लेकर शैक्षणिक, तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्राप्त की। एमपीओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धनराज साहनी ने बताया कि संगठन महिलाओं के साथ-साथ उनके परिवारों के समग्र विकास पर भी काम कर रहा है। पहले सदस्य परिवारों में गोबर गैस प्लांट लगाने की पहल की गई थी। अब बच्चों को सही करियर चुनने में सहयोग दिया जा रहा है।
65 हजार महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का मंच
मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन तथा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से नवंबर 2023 में गठित इस एमपीओ से पूर्वी उत्तर प्रदेश के सात जिलों के करीब एक हजार गांवों की 65 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। डेयरी व्यवसाय से जुड़कर ये महिलाएं अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
4 हजार से अधिक महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी'
संगठन का वार्षिक टर्नओवर करीब 200 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। महिलाओं को हर महीने तीन, 13 और 23 तारीख को दूध का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाता है। औसतन प्रत्येक सदस्य महिला की मासिक आय करीब आठ हजार रुपये है। वहीं, चार हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









