पीएम मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण : यूपी को मिला सबसे लंबा और हाई-टेक हाईवे, मेरठ से प्रयागराज अब सिर्फ छह घंटे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरदोई से उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। कार्यक्रम से पहले उन्होंने एक्सप्रेस-वे किनारे पौधारोपण किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सड़क पर पैदल चलकर निरीक्षण भी किया। यह एक्सप्रेस-वे राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ में बड़ा कदम माना जा रहा है।
594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ को प्रयागराज से सीधे जोड़ेगा। अब तक इस दूरी को तय करने में 11 से 12 घंटे लगते थे, लेकिन नए रूट से यह सफर सिर्फ छह घंटे में पूरा होगा। यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों से होकर गुजरता है और यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हाईवे
गंगा एक्सप्रेस-वे को मॉडर्न सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। यहां पब्लिक कन्वीनियंस सेंटर बनाए गए हैं। इनमें रेस्ट एरिया, ट्रॉमा सेंटर और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। हर 75 किलोमीटर पर पेट्रोल पंप की सुविधा होगी, जिसे भारत पेट्रोलियम ऑपरेट करेगा। सड़क पर रंबल स्ट्रिप्स भी लगाई गई हैं। इनसे वाहन के टायर जैसे ही गुजरते हैं, ड्राइवर को वाइब्रेशन महसूस होता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।
एयरफोर्स के लिए नाइट लैंडिंग स्ट्रिप
एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी खासियत शाहजहांपुर के जलालाबाद के पास बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है। यह देश की पहली नाइट लैंडिंग एयरस्ट्रिप है, जहां फाइटर जेट्स अंधेरे में भी उतर सकेंगे। इसे वॉर टाइम रनवे के तौर पर डिजाइन किया गया है। जरूरत पड़ने पर यह एयरफोर्स के लिए बैकअप बेस का काम करेगा।
रणनीतिक और आपदा प्रबंधन में अहम
यह एक्सप्रेस-वे सिर्फ ट्रैफिक के लिए नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। किसी भी इमरजेंसी या युद्ध जैसी स्थिति में यहां से तुरंत एयर सपोर्ट भेजा जा सकता है। प्राकृतिक आपदाओं के समय हेलिकॉप्टर और एयरक्राफ्ट लैंड कर राहत सामग्री और मेडिकल सहायता तेजी से पहुंचाई जा सकेगी।
पांच साल में पूरा हुआ मेगा प्रोजेक्ट
गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण करीब पांच साल में पूरा हुआ है। इसका शिलान्यास 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाहजहांपुर में किया था। इस प्रोजेक्ट पर करीब 37,350 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। प्रति किलोमीटर लागत लगभग 62.87 करोड़ रुपए रही।
किसानों को मिला बड़ा मुआवजा
इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 9,500 करोड़ रुपए जमीन अधिग्रहण में खर्च हुए। किसानों को सर्किल रेट से चार गुना तक मुआवजा दिया गया। मेरठ में जहां सर्किल रेट करीब तीन लाख रुपए प्रति बीघा था, वहीं सरकार ने 12 लाख रुपए प्रति बीघा तक भुगतान किया। इससे आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
इंडस्ट्रियल ग्रोथ को मिलेगा बूस्ट
एक्सप्रेस-वे के पास इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। बिजौली क्षेत्र में जमीन के दाम पहले ही 10 लाख रुपए प्रति बीघा से ऊपर पहुंच चुके हैं। इससे रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। गंगा एक्सप्रेस-वे से पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे था, जिसकी लंबाई 340 किलोमीटर है। अब गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से यूपी की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
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