जालौन में अयोध्या से लौट रहे श्रद्धालुओं की कार ट्रक में घुसी: छह की मौत, 20 मिनट तक कार में फंसे रहे लोग

जालौन जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने छह जिंदगियां छीन लीं। अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार तेज रफ्तार में हाईवे पर आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। कार में कुल दस लोग सवार थे। टक्कर के बाद सभी अंदर फंस गए। कई लोग करीब 20 मिनट तक कार के भीतर ही तड़पते रहे। मौके पर पहुंचे लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक हालात बेहद गंभीर हो चुके थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ड्राइवर को अचानक झपकी आ गई थी। इसी कारण वाहन अनियंत्रित होकर ट्रक में पीछे से जा टकराया। हादसा झांसी-कानपुर हाईवे पर कालपी क्षेत्र के जोल्हुपुर मोड़ के पास हुआ। बताया जा रहा है कि वाहन की रफ्तार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा थी। सीट बेल्ट नहीं लगाए जाने के कारण एयरबैग भी नहीं खुले। यही वजह रही कि टक्कर का असर सीधे यात्रियों पर पड़ा और जानलेवा साबित हुआ।
चार जिंदगी से जूझ रहे
हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। घायलों को निकालने के लिए पुलिस को गैस कटर का सहारा लेना पड़ा। कार के दरवाजे काटकर लोगों को बाहर निकाला गया। कुछ लोग लगभग एक घंटे तक केबिन में फंसे रहे। यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल और समय लेने वाला था।
एक ही परिवार के थे सभी लोग
कार में सवार सभी लोग ललितपुर जिले के महरौनी क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वे अयोध्या में रामलला मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे। मृतकों और घायलों में शशिकांत तिवारी, कृष्णकांत नायक, दीपक तिवारी, हरिमोहन तिवारी, भूषण तिवारी, अंशुल तिवारी, स्वामीप्रसाद तिवारी, मनोज भोंडल और देशराज शामिल हैं। सभी आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। यह हादसा पूरे परिवार पर कहर बनकर टूटा है। एक साथ कई लोगों के घायल और मृत होने से गांव में शोक की लहर है।
अस्पताल में भी लापरवाही, एंबुलेंस में तड़पते रहे मरीज
घायलों को जब मेडिकल कॉलेज लाया गया, तब वहां एक और लापरवाही सामने आई। इमरजेंसी के बाहर वार्ड बॉय मौजूद नहीं था। स्थिति यह रही कि मरीज करीब 10 मिनट तक एंबुलेंस में ही तड़पते रहे। बाद में स्थानीय लोगों और स्टाफ की मदद से उन्हें बाहर निकालकर इलाज शुरू किया गया। इस देरी ने हालात को और गंभीर बना दिया।
प्रशासन अलर्ट
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि मृतकों में से दो की पहचान हो चुकी है, जबकि बाकी की पुष्टि परिजनों के आने के बाद की जाएगी। सभी बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। गंभीर घायलों का इलाज जारी है। जरूरत पड़ने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जाएगा। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े करता है। तेज रफ्तार, नींद में ड्राइविंग और सीट बेल्ट न लगाना- ये तीनों कारण मिलकर इस दुर्घटना को घातक बना गए। अगर थोड़ी सावधानी बरती जाती, तो शायद कई जिंदगियां बच सकती थीं।
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