चंदौली के अस्पताल में महिला मरीज की गोली मारकर हत्या: ऑटो चालक ने आरोपी दबोचा, इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा आरोपी

चंदौली में सोमवार सुबह प्राइवेट अस्पताल के अंदर सनसनीखेज हत्या हुई। इलाज करा रही महिला मरीज को गोली मार दी गई। हमलावर अस्पताल में मरीज बनकर दाखिल हुआ था। उसने मुंह कपड़े से ढंक रखा था। वार्ड में पहुंचते ही उसने महिला को निशाना बनाया। बेड पर लेटी महिला की कनपटी पर पिस्टल सटा दी। इसके बाद बेहद करीब से गोली चला दी। गोली लगते ही महिला की मौके पर मौत हो गई। अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। मरीज और स्टाफ इधर-उधर भागने लगे। वारदात के बाद आरोपी भागने लगा। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने बहादुरी दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। भीड़ ने आरोपी की जमकर पिटाई की। बाद में पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने पहुंची।
घटना अलीनगर थाना क्षेत्र के जीवक अस्पताल की है। यह अस्पताल चंदौली मुख्यालय से करीब तीस किलोमीटर दूर है। मृतक महिला की पहचान लक्ष्मीना देवी के रूप में हुई। उनकी उम्र करीब 55 साल बताई गई। वह बिहार के भभुआ जिले की रहने वाली थीं। पैर टूटने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पिछले महीने पांच अप्रैल से इलाज करा रही थीं। परिवार का एक रिश्तेदार भी अस्पताल में मौजूद था। सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे आरोपी अस्पताल पहुंचा। उसने खुद को मरीज बताकर अंदर एंट्री ली। अस्पताल स्टाफ को उसकी हरकतें संदिग्ध लगीं। इसके बाद भी वह किसी तरह मरीजों के वार्ड तक पहुंच गया। वहां पहुंचते ही उसने सीधे लक्ष्मीना देवी को निशाना बनाया।
कनपटी पर पिस्टल सटाकर मारी गोली
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी बेहद शांत दिख रहा था। वार्ड में पहुंचने के बाद वह अचानक महिला के बेड के पास गया। उसने बिना कुछ बोले पिस्टल निकाल ली। इसके बाद कनपटी पर सटाकर गोली चला दी। गोली लगते ही महिला बेड पर गिर गईं। वार्ड में मौजूद लोग दहशत में आ गए। कुछ लोग बाहर की तरफ भागे। कई स्टाफ सदस्य बेड के नीचे छिप गए। अस्पताल के डॉक्टर सुनील कुमार गौतम ने बताया कि आरोपी की गतिविधियां पहले से संदिग्ध थीं। स्टाफ नर्स ने उसे वार्ड बॉय के पास भेजा था। लेकिन वह मौका देखकर मरीजों के वार्ड में घुस गया। गोली चलाने के बाद उसने स्टाफ को भी डराने की कोशिश की। इससे अस्पताल में भगदड़ जैसे हालात बन गए।
ऑटो चालक ने दिखाई बहादुरी
वारदात के बाद आरोपी अस्पताल से बाहर भागने लगा। उसके हाथ में पिस्टल थी। इसी दौरान अस्पताल के बाहर मौजूद ऑटो चालक विनोद दुबे ने उसे देखा। भीड़ आरोपी-आरोपी चिल्ला रही थी। विनोद दुबे ने तुरंत उसका पीछा शुरू किया। आरोपी ने उन पर भी पिस्टल तान दी। लेकिन विनोद ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने आरोपी का हाथ मरोड़ दिया। इससे पिस्टल नीचे गिर गई। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। भीड़ ने गमछे से उसके हाथ बांध दिए। कुछ लोगों ने ईंट और पत्थरों से भी हमला किया। आरोपी घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह आरोपी को भीड़ से बचाया।
पुलिस आरोपी से कर रही पूछताछ
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान वीरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। वह पंजाब के अंबाला का रहने वाला बताया गया। उसके पास से पिस्टल और दस हजार रुपये नकद मिले हैं। पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह तलाश रही है। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी महिला को पहले से जानता था या नहीं। एडीजी पीयूष मोर्डिया और एसपी आकाश पटेल अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अस्पताल स्टाफ और रिश्तेदारों से पूछताछ हुई। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। घटना के बाद अस्पताल में दहशत का माहौल बना हुआ है। मरीज और उनके परिजन सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दिए।
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