प्रयागराज में मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या: नाबालिग चाचा और उसकी मां ने हंसिया से रेता गला, भूसे के कमरे में मिली बॉडी

प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र में रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां आठ वर्षीय मासूम बच्ची की कथित तौर पर उसके ही नाबालिग चाचा और चचेरी दादी ने मिलकर निर्मम हत्या कर दी। बच्ची की बॉडी आरोपी के घर में बने भूसे के कमरे से खून से लथपथ हालत में बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले बच्ची का गला हंसिया से रेता और फिर उसके सीने और पेट पर कई वार किए। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने बच्ची के चचेरे दादा-दादी समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी नाबालिग फरार बताया जा रहा है।
व्योहरा गांव निवासी सुनील कुमार चौधरी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी इंदु देवी और चार बच्चे हैं। उनकी बड़ी बेटी जान्हवी कक्षा दो की छात्रा थी। सोमवार शाम करीब छह बजे वह घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक गायब हो गई। परिवार और ग्रामीणों ने देर रात तक गांव और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रात करीब 12 बजे बच्ची के बड़े चाचा करन ने परिजनों को सूचना दी कि जान्हवी की बॉडी उसके घर के भीतर भूसे वाले कमरे में पड़ी है। सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस को भी पहले घर में नहीं घुसने दिया
जब बच्ची के माता-पिता आरोपी के घर पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी शुरू में घर के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने सख्ती दिखाई, तब जाकर दरवाजा खोला गया। अंदर भूसे के ऊपर बच्ची की बॉडी पड़ी थी। उसकी गर्दन कटी हुई थी और शरीर पर कई गहरे घाव थे। यह दृश्य देखकर बच्ची की मां बेसुध होकर गिर पड़ी। पुलिस ने बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
आपत्तिजनक वीडियो देखने के बाद रची हत्या की साजिश
पुलिस जांच में बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, बच्ची का 16 वर्षीय चाचा उसे अपने घर लेकर गया था। आरोप है कि वह भूसे के कमरे में बच्ची को आपत्तिजनक वीडियो दिखा रहा था। इसी दौरान आरोपी की मां गीता देवी वहां पहुंच गई। दोनों को डर था कि बच्ची यह बात किसी को बता देगी, इसलिए उन्होंने मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने हत्या के बाद बॉडी को छिपाने की भी कोशिश की।
परिवार में मातम, गांव में आक्रोश
घटना के बाद पूरे गांव में गुस्सा और मातम का माहौल है। बच्ची की मां इंदु देवी ने कहा कि उनकी बेटी को उसका चचेरा भाई अक्सर अपने घर ले जाता था। परिवार को उस पर कभी शक नहीं हुआ। वहीं बच्ची की दादी पूनम देवी ने रोते हुए कहा कि जिस तरह उनकी पोती ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा, उसी तरह आरोपियों को भी सजा मिलनी चाहिए। पुलिस ने मामले में दादा मन्नीलाल, गीता देवी, करन, शुभम और एक अन्य रिश्तेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी नाबालिग की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
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