कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरी: 11 मजदूरों की मौत, 20 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

दक्षिण कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो क्षेत्र में बुधवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। एक निर्माणाधीन गोदाम का विशाल शेड अचानक भरभराकर ढह गया। दोपहर करीब 1:30 बजे हुई इस दुर्घटना में 11 लोगों की मौत हुई है। गुरुवार को छह और शव बरामद किए गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। 20 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। जहां उनका इलाज जारी है। इनमें दो आईसीयू में है। अन्य 18 की हालत खतरे से बाहर है।
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय गोदाम में कंक्रीट ढलाई का कार्य चल रहा था। बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी अंदर मौजूद थे। अचानक शेड के साथ भारी लोहे की संरचना और निर्माण सामग्री नीचे आ गिरी। इससे कई लोग उसके नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, सिविल डिफेंस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बाद में सेना को भी राहत एवं बचाव अभियान में शामिल किया गया।
मलबे से सुनाई दे रही हैं मदद की पुकार
हादसे के बाद घटनास्थल पर बेहद मार्मिक और भयावह दृश्य देखने को मिले। बचाव अभियान के दौरान एक युवक ने मलबे में फंसे एक मजदूर का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया गया कि युवक ने घायल मजदूर का पैर पकड़कर रेस्क्यू टीम को उसकी सही स्थिति बताई। इसके बाद बचावकर्मियों ने उसे निकालने के प्रयास तेज कर दिए। मलबे में दबा मजदूर दर्द से कराहते हुए लगातार अपनी जान बचाने की गुहार लगाता रहा। जानकारी के मुताबिक, वह कह रहा था कि उसका पैर बुरी तरह फंस गया है। जरूरत पड़ने पर उसे काटकर भी बाहर निकाला जा सकता है। लेकिन उसकी जान बचा ली जाए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया।
क्रेन और गैस कटर की मदद से जारी है रेस्क्यू
बचाव अभियान को तेज करने के लिए भारी क्रेन मंगाई गई है। लोहे की मोटी रॉड और ढांचे को हटाने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे के भीतर से अभी भी आवाजें सुनाई दे रही हैं। इससे उम्मीद है कि कई लोग जीवित हो सकते हैं। रेस्क्यू टीम हर संभव प्रयास कर रही है कि फंसे हुए लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
मौके पर पहुंचे सीएम, मंत्री और अधिकारी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। उनके साथ शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल, कोलकाता नगर निगम की आयुक्त स्मिता पांडे और मंत्री इंद्रनील खान भी मौजूद रहे। भाजपा नेता राकेश सिंह ने भी घटनास्थल पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। मंत्री इंद्रनील खान ने कहा कि फिलहाल प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों और संभावित अनियमितताओं की जांच बाद में की जाएगी। लेकिन इस समय पूरा ध्यान राहत एवं बचाव अभियान को सफल बनाने पर केंद्रित है।
सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
हादसे के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070, 8697981070 और 033-22143526/22535185 जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर गोदाम का निर्माण हो रहा था, वह ओडिशा के एक व्यवसायी की बताई जा रही है। जिसे एक निजी फर्म को लीज पर दिया गया था। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
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