नगर निगम भर्ती घोटाले में फंसे सुजीत बोस: ED ने किया अरेस्ट, 150 लोगों की अवैध भर्ती का आरोप

पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार रात बड़ा घटनाक्रम हुआ। प्रवर्तन निदेशालय ने टीएमसी नेता सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी नगर निगम भर्ती घोटाले में हुई। सुजीत बोस राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन पर अवैध भर्ती कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। सुजीत बोस सोमवार सुबह बेटे समुद्र बोस के साथ ED दफ्तर पहुंचे। दोनों से घंटों पूछताछ हुई। अधिकारियों ने करीब दस घंटे तक सवाल किए। देर रात ED ने कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी कर ली। गिरफ्तारी के बाद बंगाल की राजनीति गर्म हो गई।
ED का दावा बेहद गंभीर बताया जा रहा है। जांच एजेंसी के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया में धांधली हुई। मामला 2014 से 2018 के बीच का है। उस दौरान साउथ दमदम नगर निगम में भर्ती हुई थी। एजेंसी का आरोप है कि करीब 150 लोगों को नौकरी दिलाई गई। भर्ती नियमों को नजरअंदाज किया गया। कई उम्मीदवारों को कथित तौर पर पैसे लेकर नौकरी मिली। जांच में फ्लैट लेने की बात भी सामने आई। उस समय सुजीत बोस दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे। ED का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पर उनका प्रभाव था। एजेंसी अब पैसों के लेनदेन की कड़ियां तलाश रही है। कई दस्तावेज जांच के दायरे में हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान मिले थे नोटिस
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी सुजीत बोस मुश्किलों में रहे। ED ने उन्हें कई बार नोटिस भेजे थे। एक बड़ा नोटिस छह अप्रैल को मिला था। उसी दिन नामांकन दाखिल किए गए थे। सुजीत बोस ने इसके बाद अदालत का रुख किया। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में चुनाव प्रचार का हवाला दिया गया। उन्होंने ED के सामने पेश होने से राहत मांगी। हालांकि चुनाव खत्म होने के बाद मामला फिर तेज हुआ। एक मई को वह CGO कॉम्प्लेक्स पहुंचे। वहां ED अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की। इसके बाद सोमवार को दोबारा बुलाया गया। दूसरी पेशी के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले भी पड़ चुकी हैं रेड
भर्ती घोटाले की जांच काफी समय से चल रही है। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों पर मामला आगे बढ़ा। अदालत के आदेश के बाद CBI ने FIR दर्ज की थी। FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की। जांच एजेंसी ने पहले भी कई जगह छापेमारी की। जनवरी 2024 में सुजीत बोस के ठिकानों पर रेड हुई। इसके बाद अक्टूबर 2025 में भी कार्रवाई हुई। अधिकारियों ने कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए। ED अब पैसों के नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती के बदले कितना पैसा लिया गया। फ्लैट ट्रांजैक्शन की भी जांच चल रही है।
चुनाव में मिली थी बड़ी हार
सुजीत बोस बंगाल की राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वह बिधाननगर सीट से तीन बार विधायक रहे। हालिया विधानसभा चुनाव में उन्हें बड़ा झटका लगा। भाजपा उम्मीदवार शरदवत मुखर्जी ने उन्हें हराया। हार का अंतर 37 हजार वोटों से ज्यादा रहा। चुनाव हारने के बाद भी सुजीत लगातार राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। हालांकि ED जांच के कारण उन पर दबाव बढ़ता गया। अब गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।
TMC और भाजपा में बढ़ी सियासी टकराहट
गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने मामले को भ्रष्टाचार से जोड़कर हमला बोला। पार्टी नेताओं ने भर्ती घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला और राजनीतिक रंग पकड़ सकता है।
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