तमिलनाडु में 3 साल की मासूम से रेप; मौत: झाड़ियों में गंभीर हालत में मिली बच्ची, पुलिस ने बिहार के आरोपी को किया अरेस्ट

4 घंटे पहले
झाड़ियों में गंभीर हालत में मिली बच्ची, पुलिस ने बिहार के आरोपी को किया अरेस्ट

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां तीन वर्षीय मासूम बच्ची के साथ कथित रेप के बाद उसकी मौत हो गई। इस जघन्य वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मामले में बिहार निवासी 19 वर्षीय युवक को अरेस्ट कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बच्ची को बिस्किट का लालच देकर अपने साथ ले गया था। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों के साथ स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

पुलिस के अनुसार, बच्ची रविवार शाम से लापता थी। परिवार और आसपास के लोगों ने उसकी तलाश की। लेकिन देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह एक स्थानीय व्यक्ति ने झाड़ियों के बीच बच्ची को गंभीर अवस्था में पड़ा देखा। सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकीय जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई। गंभीर आंतरिक चोटों के कारण इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।

मजदूरी करता था आरोपी

आरोपी की पहचान बिहार निवासी 19 साल के विबिन मंच के तौर पर हुई है। आरोपी स्थानीय स्तर पर मजदूरी करता था। बच्ची का परिवार भी उसी इलाके में रह रहा था। पुलिस का कहना है कि बच्ची आरोपी को पहले से जानती थी। जिसका फायदा उठाकर उसने उसे अपने साथ ले गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।

घटना के बाद उग्र हुआ माहौल

मासूम की मौत की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ स्थानों पर राहगीरों के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज

घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार को घेरा है। दोषी को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द से जल्द कड़ी सजा देने की मांग की है। राजनीतिक नेताओं ने इस घटना को समाज के लिए गंभीर चेतावनी बताते हुए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की जरूरत पर बल दिया है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, प्रवासी बस्तियों में निगरानी व्यवस्था और महिला-बाल संरक्षण तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए और दोषियों को ऐसी सजा मिले जो समाज में कड़ा संदेश दे सके।

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