इंग्लैंड ने 4-0 से जीती टी20 सीरीज: बटलर ने खेली तूफानी शतकीय पारी, भारत का लगातार दूसरा क्लीन स्वीप

ब्रिटेन दौरे पर भारतीय टीम का निराशाजनक प्रदर्शन अंतिम टी20 मुकाबले में भी जारी रहा। साउथैंप्टन में खेले गए पांचवें मैच में इंग्लैंड ने भारत को 56 रन से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला 4-0 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया। वहीं, भारत के नाम लगातार दो टी20 सीरीज में पहली बार क्लीन स्वीप झेलने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 257 रन का विशाल स्कोर बनाया, जो भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में उसका सर्वोच्च स्कोर है। इससे पहले इंग्लैंड ने 2026 में वानखेड़े स्टेडियम में सात विकेट पर 246 रन बनाए थे। फिल साल्ट के जल्दी आउट होने के बाद जोस बटलर और कप्तान हैरी ब्रूक ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की। बटलर ने 51 गेंदों में शतक पूरा करते हुए 131 रन की अपनी सर्वश्रेष्ठ टी20 पारी खेली। वहीं, ब्रूक 95 रन बनाकर नाबाद लौटे। उन्होंने केवल 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो भारत के खिलाफ संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज अर्धशतक है।
गेंदबाजी और फील्डिंग दोनों में किया निराश
भारत की गेंदबाजी पूरे मैच में बेअसर रही। अक्षर पटेल ने चार ओवर में 63 रन खर्च किए, जबकि प्रिंस यादव ने तीन ओवर में 50 रन दिए। अर्शदीप सिंह ने 17वें ओवर में चार वाइड गेंदें फेंकी। खराब गेंदबाजी के साथ-साथ फील्डिंग भी टीम की कमजोरी बनी रही। भारतीय खिलाड़ियों ने तीन कैच छोड़े और अंतिम गेंद पर रन आउट का आसान मौका भी गंवा दिया। तिलक वर्मा ने ब्रूक का कैच भी टपकाया, जिसका इंग्लैंड ने पूरा फायदा उठाया।
भारतीय बल्लेबाजों का संघर्ष जारी
257 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत फिर खराब रही। अभिषेक शर्मा तीन और संजू सैमसन 27 रन बनाकर आउट हो गए। तीसरे नंबर पर उतरे ईशान किशन ने 56 रन की अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने 28 रन बनाए। तिलक वर्मा ने 25 गेंदों पर 53 रन जरूर बनाए। लेकिन उनका अर्धशतक भी टीम को जीत के करीब नहीं पहुंचा सका। शिवम दुबे 14, सूर्यांश शेडगे सात, अक्षर पटेल तीन और अर्शदीप सिंह चार रन बनाकर नाबाद लौटे। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने सबसे ज्यादा तीन विकेट हासिल किए।
दो बदलाव भी नहीं बदल सके नतीजा
भारतीय टीम ने अंतिम मुकाबले में दो बदलाव किए थे। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को अंतिम एकादश में शामिल किया गया। जबकि वाशिंगटन सुंदर के स्थान पर सूर्यांश शेडगे को मौका मिला। हालांकि इन बदलावों का भी टीम के प्रदर्शन पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
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