पुर्तगाल को हरा क्वार्टरफाइनल में पहुंचा स्पेन: लगातार छठी क्लीन शीट का बनाया रिकॉर्ड, रोनाल्डो का विश्व कप सफर थमा

फुटबॉल विश्व कप के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस हार के साथ 41 वर्षीय स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप करियर भी समाप्त हो गया। मैच के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया, जबकि स्पेन ने लगातार छठे मैच में क्लीन शीट रखकर नया विश्व रिकॉर्ड भी बना दिया।
डलास स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन के दम पर पुर्तगाल को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। अंतिम सीटी बजते ही पुर्तगाल का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया। मैदान से बाहर निकलते समय रोनाल्डो ने गंभीर भाव के साथ दर्शकों का अभिवादन किया। उनके सम्मान में स्टेडियम में मौजूद प्रशंसक खड़े हो गए। यह उनका अंतिम विश्व कप माना जा रहा है।
स्पेन ने बनाया नया विश्व रिकॉर्ड
इस जीत के साथ स्पेन विश्व कप इतिहास में लगातार छह मैचों तक गोल नहीं खाने वाली पहली टीम बन गई। उसने इटली (1990) और स्विट्जरलैंड (2006-10) के लगातार पांच-पांच क्लीन शीट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। स्पेन का यह सिलसिला 2022 विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के खिलाफ गोलरहित मुकाबले से शुरू हुआ था। मौजूदा विश्व कप में टीम ने ग्रुप चरण के बाद लगातार चार मैचों में भी विपक्षी टीम को गोल नहीं करने दिया।
गोलकीपर उनाई सिमोन का शानदार प्रदर्शन
स्पेन की इस सफलता में गोलकीपर उनाई सिमोन की अहम भूमिका रही। 29 वर्षीय सिमोन ने लगातार 609 मिनट तक कोई गोल नहीं खाकर नया विश्व कप रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली के दिग्गज गोलकीपर वाल्टर जेंगा के नाम था, जिन्होंने 517 मिनट तक गोल नहीं खाया था। पुर्तगाल के खिलाफ मुकाबले में सिमोन ने पहले हाफ में रोनाल्डो के दो महत्वपूर्ण प्रयास विफल किए। इनमें एक शानदार डाइविंग सेव भी शामिल रही। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन की मजबूत रक्षा पंक्ति और सिमोन की शानदार गोलकीपिंग ने टीम को खिताब का प्रमुख दावेदार बना दिया है।
विश्व कप करियर का अंत
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने वर्ष 2006 में अपना पहला विश्व कप खेला था और उसी संस्करण में पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक पहुंचाया था, जो उनके विश्व कप करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। वर्ष 2018 में स्पेन के खिलाफ ग्रुप मैच में उनकी हैट्रिक भी विश्व कप के यादगार मुकाबलों में गिनी जाती है। हालांकि इस बार उनका सफर प्री-क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया और इसके साथ ही उनके विश्व कप करियर का भी समापन हो गया।
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