एशियन गेम्स ट्रायल में विनेश फोगाट की दमदार वापसी: पहली बाउट 7-1 से जीती, दो साल बाद मैट पर उतरीं ओलिंपियन पहलवान

भारतीय कुश्ती की दिग्गज पहलवान और ओलिंपियन विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स चयन ट्रायल में शानदार वापसी की। विनेश ने अपनी पहली बाउट जीत ली। दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में पहलवान विनेश फोगाट ने 53 किलोग्राम भार वर्ग का ट्रायल मुकाबला जीत लिया है। उन्होंने हरियाणा की प्रतिभाशाली पहलवान ज्योति सिहाग को 7-1 के अंतर से शिकस्त दी। इस जीत के साथ अगले दौर के लिए अपना दावा बेहद मजबूत कर लिया है। लगभग दो वर्षों बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी कर रही विनेश ने शुरुआत से ही अपने अनुभव और तकनीकी कौशल का प्रभाव दिखाया।
मुकाबले की शुरुआत होते ही विनेश ने आक्रामक रणनीति अपनाई। कुछ ही सेकेंड में प्रतिद्वंद्वी को मैट से बाहर धकेलकर पहला अंक हासिल कर लिया। इसके बाद उन्होंने लगातार दो शानदार टेकडाउन और पटकनी दांव लगाते हुए मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। पहले हाफ में ही उन्होंने छह अंक जुटाकर बढ़त मजबूत कर ली। ज्योति सिहाग पूरे मुकाबले में दबाव में नजर आईं। अंत में केवल एक अंक ही अर्जित कर सकीं। इस तरह विनेश ने 7-1 की प्रभावशाली जीत दर्ज की।
ट्रायल से पहले भी बना रहा विवाद
ट्रायल के दिन सुबह स्टेडियम में प्रवेश को लेकर कुछ देर के लिए विवाद की स्थिति भी बनी। जानकारी के अनुसार, विनेश फोगाट और उनके पति सोमवीर राठी की सुरक्षा कर्मियों से बहस हुई थी। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हुई और उन्हें प्रवेश दे दिया गया। विनेश ने कहा कि उन्हें वेट-इन प्रक्रिया के दौरान काफी इंतजार करना पड़ा। अब वह किसी पर भरोसा नहीं करतीं। उन्होंने बताया कि वह अपनी डाइट और जरूरी व्यवस्था स्वयं लेकर आई हैं।
सुप्रीम कोर्ट से मिली थी राहत
एशियन गेम्स ट्रायल में भागीदारी को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) ने उनके ट्रायल पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद विनेश को ट्रायल में भाग लेने का रास्ता साफ हुआ। प्रारंभ में उन्हें केवल 50 किलोग्राम वर्ग में खेलने की अनुमति दी गई थी। बाद में विवाद के समाधान के बाद उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग में भी उतरने की मंजूरी मिल गई।
आगे की चुनौती पर निगाहें
विनेश की यह जीत सिर्फ एक मुकाबले की सफलता नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष और विवादों के बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में उनकी मजबूत वापसी का संकेत भी मानी जा रही है। अब खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों की निगाहें उनके आगामी मुकाबलों पर टिकी हैं। जहां वह एशियन गेम्स टीम में जगह बनाने के लक्ष्य के साथ मैट पर उतरेंगी।
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