ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा: ड्रोन गिराने का दावा: परमाणु समझौते पर ट्रम्प बोले- हमारी शर्तों पर होगी डील

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश की हवाई सीमा में प्रवेश करने वाले एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन को सीमा क्षेत्र में घुसते ही रडार और निगरानी तंत्र ने ट्रैक कर लिया था। जिसके बाद अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली से उसे निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। ईरान का आरोप है कि यह ड्रोन जासूसी और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के उद्देश्य से उसकी सीमा में दाखिल हुआ था।
हालांकि इस दावे पर अमेरिकी प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक खींचतान को और तेज कर दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे समय में ड्रोन गिराए जाने का दावा क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है।
परमाणु समझौते पर ट्रम्प का बड़ा बयान
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को किसी भी समझौते की जल्दबाजी नहीं है। वह धीरे-धीरे अपनी शर्तों को मनवाने की रणनीति पर काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने और न खरीदने के सिद्धांत पर सहमत हो चुका है। ट्रम्प ने कहा कि यदि कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता है तो अमेरिका अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है। उनके इस बयान को ईरान पर बढ़ते दबाव और अमेरिका की सख्त रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी चेतावनी दी है। ईरान को समझौते की दिशा में आगे बढ़ना होगा। अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
क्षेत्रीय हालात पर बढ़ी चिंता
पिछले 24 घंटों में पश्चिम एशिया से कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं। ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से एक दिन में 28 व्यापारिक और तेल वाहक जहाज सुरक्षित रूप से गुजरे हैं। वहीं ओमान ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में संदिग्ध तैरती बारूदी सुरंग देखे जाने की सूचना जारी की है। जहाजों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बच्चों पर पड़ रहा युद्ध का प्रभाव
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने लेबनान में बच्चों पर पड़ रहे युद्ध के प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है। एजेंसी के अनुसार, हाल के दिनों में औसतन प्रतिदिन 11 बच्चे हिंसा का शिकार हो रहे हैं। उधर इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे को बड़ी रणनीतिक सफलता बताया है। कहा है कि उत्तरी सीमा की सुरक्षा और हिजबुल्लाह के प्रभाव को कमजोर करने के लिए सैन्य अभियान जारी रहेगा। इन घटनाओं के बीच पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। वैश्विक समुदाय की नजर अब ईरान-अमेरिका वार्ता और क्षेत्रीय संघर्षों की अगली दिशा पर टिकी हुई है, क्योंकि किसी भी बड़े घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक स्थिरता पर पड़ सकता है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









