सीवान में बीजेपी नेता के भांजे की हत्या का मुख्य आरोपी ढेर: सुबह चार बजे मुठभेड़ में मारा गया सोनू यादव, रोडरेज कांड में पुलिस का बड़ा एक्शन

बिहार के सीवान में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रोडरेज मर्डर केस के मुख्य आरोपी को एनकाउंटर में मार गिराया। रविवार सुबह करीब चार बजे पुलिस और आरोपी सोनू यादव के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें सोनू को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गाड़ी चेकिंग के दौरान आरोपी को घेर लिया गया था। खुद को चारों तरफ से घिरता देख उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो उसके सीने में लगी। घटना जामो थाना क्षेत्र के लद्दी गांव के पास की बताई जा रही है।
घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है। यह पूरा मामला बीजेपी नेता और पूर्व एमएलसी मनोज कुमार सिंह के भांजे हर्ष कुमार सिंह की हत्या से जुड़ा है। 29 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे हर्ष और उनके बहनोई चंदन सिंह पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस हमले में हर्ष की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं चंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका इलाज अभी भी जारी है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी और पुलिस पर दबाव बढ़ गया था।
कार साइड को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि यह वारदात रोडरेज का मामला था। चंदन सिंह अपने बेटे हर्ष के साथ सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर किसी का इंतजार कर रहे थे। तभी पीछे से आई एक कार ने उनकी गाड़ी को हल्की टक्कर मार दी। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि दूसरी कार में सवार बदमाशों ने हथियार निकाल लिए और फायरिंग शुरू कर दी।
पहले ‘हाफ एनकाउंटर’, फिर मुख्य आरोपी ढेर
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से एक्शन लिया। वारदात के करीब 10 घंटे के अंदर एक आरोपी छोटू यादव को पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इसी दौरान दूसरे आरोपी सुनील यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हुई गाड़ी भी बरामद कर ली थी।
सोनू यादव पर 25 हजार का इनाम घोषित
मुख्य आरोपी सोनू यादव लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। उस पर हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज थे। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वह बड़हरिया थाना क्षेत्र की ओर भाग रहा है। इसी सूचना के आधार पर घेराबंदी की गई और आखिरकार मुठभेड़ में वह मारा गया।
पिस्टल बरामद, उसी हथियार से की थी फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, सोनू यादव के पास से पिस्टल बरामद हुई है। आशंका है कि इसी हथियार का इस्तेमाल 29 अप्रैल की वारदात में भी किया गया था। मुठभेड़ के दौरान भी उसने इसी पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग की थी। घटनास्थल से उसकी बाइक भी बरामद की गई है। एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि पूरी कार्रवाई प्लानिंग के तहत की गई थी। पुलिस टीम ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायरिंग की और आरोपी को निष्क्रिय कर दिया।
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