दारोगा को गोली मारते ही भड़की भीड़: फरसा से काटकर आरोपी की ले ली जान, लाइटिंग को लेकर छिड़ा विवाद

बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव में शुक्रवार सुबह गोलीबारी और उसके बाद हुई भीड़ की हिंसा ने पूरे इलाके को दहला दिया। पटना सिविल कोर्ट में तैनात अवकाश पर घर आए एक दारोगा को गांव के ही युवक ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के तुरंत बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हमलावर को पकड़कर फरसा से हमला कर उसकी हत्या कर दी। दोहरे घटनाक्रम के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच जारी है।
घायल दारोगा की पहचान ओझौल गांव निवासी मो. इलियास के 40 वर्षीय पुत्र मो. मोबिन के रूप में हुई है। वह पटना सिविल कोर्ट में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वह दो दिन पहले ही अवकाश पर अपने घर पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह गांव के इमामबाड़ा के पास मुहर्रम के लिए लगाई गई लाइटिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि गांव का ही सुनील सहनी वहां पहुंचा और पिस्टल से फायरिंग कर लाइटों को क्षतिग्रस्त करने लगा। नमाज पढ़कर लौट रहे ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो वह उनसे अभद्रता और मारपीट पर उतर आया। विवाद बढ़ता देख मो. मोबिन ने हस्तक्षेप कर उसे शांत रहने की सलाह दी। लेकिन इसी दौरान सुनील ने उन पर गोली चला दी। गोली उनके पेट में लगी। इसके बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल दरभंगा शहर के अल्लपट्टी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
हमलावर को घेरकर भीड़ ने उतारा मौत के घाट
दारोगा को गोली लगने की घटना से मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। भागने का प्रयास कर रहे सुनील सहनी को ग्रामीणों ने चारों ओर से घेर लिया। पहले उसकी लाठी-डंडों और लात-घूसों से पिटाई की गई। फिर पास में मौजूद फरसा से लगातार वार किए गए। गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव के दिलीप सहनी के 27 वर्षीय पुत्र सुनील सहनी के रूप में हुई है। पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखा और खून से सना फरसा बरामद किया है। हालांकि, घटना के दौरान भीड़ में शामिल कोई अज्ञात व्यक्ति सुनील की पिस्टल लेकर फरार हो गया।
तीन साल पुराने प्रेम विवाह से जुड़ा बताया जा रहा विवाद
जानकारी के अनुसार घटना तीन वर्ष पहले हुए एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह से जुड़ी हुई है। सुनील सहनी ने गांव के ही मो. बिहारी की पुत्री सानिया से प्रेम विवाह किया था। सानिया, घायल दारोगा मो. मोबिन की रिश्तेदार बताई जा रही है। इस विवाह का दोनों परिवारों ने विरोध किया था। बाद में लड़की का परिवार सीतामढ़ी जिले के पुपरी में रहने लगा। जहां सुनील भी उनके साथ रहने लगा था। ग्रामीणों के अनुसार सुनील का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। करीब दो महीने पहले उसने अपनी पत्नी सानिया को भी गोली मार दी थी। इसके बाद से वह फरार चल रहा था। उसकी गतिविधियों से परेशान होकर उसके माता-पिता भी गांव छोड़कर बेगूसराय के सिमरिया में मजदूरी करने चले गए थे। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले उसने गांव के एक अन्य युवक को भी गोली मारकर घायल किया था। लेकिन उसके खौफ के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आया।
गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने स्वयं ओझौल गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय एसडीपीओ को घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और त्वरित कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम ने भी मौके से आवश्यक नमूने एकत्र किए हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे गांव में पुलिस कैंप लगाया गया है। इसके अलावा दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के पोस्टमॉर्टम कक्ष के बाहर भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। बहादुरपुर थाना प्रभारी प्रसुनजय कुमार ने बताया कि मृतक सुनील सहनी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे। घटना के समय उसके साथ मौजूद साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है।
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