दिल्ली में पांच मंजिला इमारत गिरी: चार की डेथ, मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

राजधानी दिल्ली के साकेत इलाके में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। यहां एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। जिससे चार लोगों की मौत हो गई। वहीं 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। जहां तीन लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।
दक्षिणी दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनंत मित्तल के अनुसार, जिस स्थान पर इमारत गिरी, उसके निचले हिस्से में मेडिकल छात्रों द्वारा संचालित एक कैंटीन भी थी। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। इस संभावना को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य पूरी रात जारी रखा गया। पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की टीमों ने अब तक करीब 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
युद्धस्तर पर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। जिससे यातायात बाधित हुए बिना एंबुलेंस तेजी से अस्पताल पहुंच सकीं। अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाने का कार्य अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से किया जा रहा है। जिससे किसी भी फंसे हुए व्यक्ति को सुरक्षित निकाला जा सके।
अन्य हादसे में युवक गंभीर घायल
इसी दिन राजधानी में एक अन्य हादसा भी सामने आया। तिलक मार्ग क्षेत्र स्थित दूरदर्शन भवन से पत्थर का एक हिस्सा गिरने से नीरज कुमार नामक 35 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
लगातार सामने आ रहे भवन हादसे
दिल्ली में हाल के महीनों में इमारत ढहने की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी गई है। जुलाई 2025 में वेलकम इलाके में चार मंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हुई थी। वहीं अप्रैल 2025 में मुस्तफाबाद में चार मंजिला भवन ढहने से 11 लोगों ने जान गंवाई थी। ताजा हादसे ने एक बार फिर राजधानी में जर्जर और असुरक्षित इमारतों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश देते हुए हादसे के कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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