ममता बनर्जी को दिल्ली में बड़ा झटका: सुखेंदु शेखर राय ने छोड़ी TMC और राज्यसभा, नेतृत्व और संवाद की कमी पर उठाए सवाल

नई दिल्ली|08 जून 2026
सुखेंदु शेखर राय ने छोड़ी TMC और राज्यसभा, नेतृत्व और संवाद की कमी पर उठाए सवाल

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सोमवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। जब पार्टी के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने अपनी संसदीय सदस्यता के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। उन्होंने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन पहुंचकर अपना त्यागपत्र सौंपा। इस्तीफे के बाद सुखेंदु ने पार्टी नेतृत्व और संगठन के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी सार्वजनिक की। उनके इस कदम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

सुखेंदु शेखर राय ने इस्तीफे के बाद कहा कि पार्टी लंबे समय से लोकतांत्रिक मूल्यों से दूर होती जा रही थी। कई सीनियर लीडर्स को स्वतंत्र रूप से अपनी राय रखने का अवसर नहीं मिल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन के भीतर संवाद की कमी रही और महत्वपूर्ण निर्णय सीमित दायरे में लिए जाते रहे। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली हार के बावजूद नेतृत्व ने आत्ममंथन करने की गंभीर कोशिश नहीं की।

पार्टी नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप

अपने त्यागपत्र में सुखेंदु ने पश्चिम बंगाल में पिछले वर्षों के शासन को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने दावा किया कि जनता ने बदलाव की इच्छा जाहिर की है। इसे राजनीतिक नेतृत्व को समझने की जरूरत है। सुखेंदु ने नई सरकार की कुछ पहलों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के विकास और पुनर्निर्माण के लिए सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि पिछले वर्षों में हुए सरकारी खर्चों और विभिन्न विभागों की खरीद प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

सांसदों और विधायकों में बढ़ रही नाराजगी

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक सुखेंदु शेखर राय के इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ सकता है। दावा किया जा रहा है कि लोकसभा के कुछ सांसद भी संगठन की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं। भविष्य में अलग रुख अपना सकते हैं। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुखेंदु शेखर राय का इस्तीफा टीएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। जिसका असर आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर दिखाई दे सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सुखेंदु का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा? पार्टी नेतृत्व इस संकट से कैसे निपटेगा?

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