चंडीगढ़-दिल्ली फ्लाइट में यात्री का हंगामा: खिड़की का शीशा तोड़ा, 30 दिन के लिए नो-फ्लाई सूची में शामिल

चंडीगढ़ से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की एक घरेलू उड़ान में अफरा-तफरी मच गई। एक यात्री ने उड़ान के दौरान अचानक हंगामा शुरू कर दिया। घटना रविवार को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1879 में हुई। जहां एक यात्री ने कथित रूप से विमान की खिड़की पर मुक्के मारकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया और क्रू मेंबर्स के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। हालांकि चालक दल की सतर्कता और सूझबूझ के चलते विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली हवाई अड्डे पर उतार लिया गया। इसके बाद यात्री को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया।
एयर इंडिया के अनुसार, उड़ान के दौरान यात्री का व्यवहार अचानक अनियंत्रित हो गया। स्थिति को देखते हुए कॉकपिट और केबिन क्रू ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया। पहले यात्री को चेतावनी दी गई। फिर दिल्ली एयरपोर्ट की सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना भेजी गई। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों, चालक दल और विमान की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया गया।
लैंडिंग के दौरान घबराया, फिर शुरू किया उत्पात
जानकारी के अनुसार, संबंधित यात्री उड़ान के अधिकांश समय शांत था और उसके व्यवहार में कोई असामान्यता दिखाई नहीं दी। लेकिन जैसे ही विमान दिल्ली में उतरने की प्रक्रिया में पहुंचा। वह अचानक घबरा गया और अपनी सीट से उठकर खिड़की पर लगातार मुक्के मारने लगा। उस समय सभी यात्री सीट बेल्ट बांधे हुए बैठे थे। इसलिए कोई भी तुरंत हस्तक्षेप नहीं कर सका। बाद में क्रू मेंबर्स ने स्थिति संभालने की कोशिश की। लेकिन तब तक खिड़की का अंदरूनी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका था।
विमान उतरते ही CISF ने कब्जे में लिया
हंगामे की सूचना मिलते ही पायलट ने एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारियों को सतर्क कर दिया। विमान के दिल्ली पहुंचते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान अंदर पहुंचे और यात्री को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने बाद में एयरपोर्ट परिसर से भागने की भी कोशिश की। लेकिन उसे तुरंत पकड़ लिया गया।
मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की पुष्टि
जांच के दौरान यात्री के परिजनों ने बताया कि वह मानसिक बीमारी से पीड़ित है। मेडिकल परीक्षण में भी उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं पाई गई। इसके बाद उसे परिजनों के साथ जाने की अनुमति दी गई। हालांकि सुरक्षा नियमों के तहत एयर इंडिया ने उसे 30 दिनों के लिए नो-फ्लाई सूची में डाल दिया है। मामले की रिपोर्ट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को भी भेजी गई है, जो नियमों के तहत प्रतिबंध की अवधि को बढ़ा सकता है।
एयरलाइन की जीरो-टॉलरेंस नीति
एयर इंडिया ने कहा है कि विमान के भीतर सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति उसकी जीरो-टॉलरेंस नीति है। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि विमान की खिड़कियां अत्यंत मजबूत संरचना वाली होती हैं । उन्हें नुकसान पहुंचाने का प्रयास गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले यात्रियों पर लंबी अवधि तक उड़ान प्रतिबंध समेत अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
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