सीएम योगी बोले- बेटियों पर अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: आजमगढ़ को 955 करोड़ रुपये की दी सौगात, संयम रखें सियासी कार्यकर्ता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बेटी किसी भी परिवार की हो, उसका सम्मान सर्वोपरि है। उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की अभद्र टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बेटियों को सम्मान देने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे संस्कारों में पले-बढ़े हैं जहां गांव की बेटी पूरे गांव की बेटी मानी जाती है। ऐसे में किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग न केवल सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। साथ ही यह सभ्य समाज के मूल्यों पर भी आघात है।
सपा प्रमुख को दी नसीहत
मुख्यमंत्री ने बिना किसी राजनीतिक कटाक्ष से परहेज किए सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जो लोग सार्वजनिक जीवन में दूसरों को उपदेश देते हैं, उन्हें अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को भी भाषा की मर्यादा का पाठ पढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने से पहले लोगों को अपनी जिम्मेदारी और सामाजिक प्रभाव के बारे में अवश्य सोचना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। लेकिन बहनों, बेटियों, बुजुर्गों और दिवंगत व्यक्तियों के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि ऐसे लोग नहीं सुधरते हैं तो उन्हें कानून के दायरे में लाकर समझाया जाएगा।
चार लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
गौरतलब है कि अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए जाने के मामले में कानपुर और प्रतापगढ़ में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन पोस्टों के जरिए न केवल अदिति यादव बल्कि पूरे परिवार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने बेटियों के सम्मान को राजनीति से ऊपर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री के बयान के बाद इस मुद्दे को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
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