बिना हेलमेट बुलेट चलाने पर विधायक का वीडियो वायरल: कार्यकर्ता के आग्रह पर चलाई बुलेट, प्रशासन से खुद चालान काटने का किया आग्रह

देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला राजनीतिक बयानबाजी या जनसभा का नहीं, बल्कि यातायात नियमों के पालन को लेकर उनकी जिम्मेदार पहल का है। विधायक ने बिना हेलमेट बुलेट मोटरसाइकिल चलाने की अपनी गलती स्वीकार करते हुए खुद पुलिस और प्रशासन से चालान काटने का आग्रह किया है। जनप्रतिनिधि द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी गलती मानने और कार्रवाई की मांग करने की इस पहल की सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना हो रही है। लोग इसे जिम्मेदार राजनीति और कानून के प्रति सम्मान का उदाहरण बता रहे हैं।
विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा की। उन्होंने बताया कि वह मेहड़ा पुरवां स्थित अपने आवास के पास प्रकाश यादव की चाय की दुकान पर कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के साथ सुबह की चाय पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ता प्रमोद मणि नई बुलेट मोटरसाइकिल लेकर पहुंचे और विधायक से बाइक चलाकर उसका शुभारंभ करने का आग्रह किया। विधायक ने कहा कि हेलमेट उपलब्ध न होने के बावजूद वह कार्यकर्ता का आग्रह टाल नहीं सके और कुछ दूरी तक बुलेट चलाकर उनके आवास तक गए। हालांकि, बाद में उन्हें एहसास हुआ कि यह कदम यातायात नियमों और व्यक्तिगत सुरक्षा दोनों के लिहाज से गलत था। उन्होंने माना कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है और उन्हें हर परिस्थिति में नियमों का पालन करना चाहिए।
खुद पुलिस को लिखा पत्र
अपनी गलती का एहसास होने के बाद विधायक ने देवरिया पुलिस और प्रशासन को पत्र लिखकर स्वयं के खिलाफ चालान की कार्रवाई करने का अनुरोध किया। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट कहा कि कानून और नियम सभी नागरिकों के लिए समान हैं तथा जनप्रतिनिधियों को भी इसका पालन करना चाहिए। विधायक ने यह भी कहा कि यदि उनसे नियमों का उल्लंघन हुआ है तो नियमानुसार कार्रवाई होना आवश्यक है। उनकी इस पहल को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कई यूजर्स ने इसे राजनीतिक शुचिता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बताया। लोगों का कहना है कि आमतौर पर नेता नियमों से ऊपर दिखाई देते हैं, लेकिन विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने अपनी गलती स्वीकार कर एक अलग संदेश दिया है।
हेलमेट को बताया जीवन सुरक्षा का सबसे बड़ा साधन
विधायक ने इस पूरे प्रकरण के बाद आम जनता से भी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल ट्रैफिक नियम का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन बचाने का सबसे अहम सुरक्षा कवच है। उन्होंने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनने और लापरवाही से बचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छोटी सी असावधानी कई बार बड़े हादसों का कारण बन जाती है। इसलिए सड़क पर निकलते समय सुरक्षा नियमों को प्राथमिकता देना जरूरी है। विधायक की इस पहल को प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं नियमों के पालन को लेकर गंभीरता दिखाएं, तो समाज में भी जागरूकता तेजी से बढ़ सकती है।
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