पानी प्लांट, सरकारी नौकरी और सब्सिडी ऋण के नाम पर 85 लाख की ठगी: फर्जी दस्तावेज और चेक देकर किया गुमराह, सात पर केस दर्ज

गोरखपुर|13 घंटे पहले
 फर्जी दस्तावेज और चेक देकर किया गुमराह, सात पर केस दर्ज

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13 घंटे पहले

पानी का प्लांट स्थापित कराने, बैंक से 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ एक करोड़ रुपये तक का ऋण दिलाने और सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 85 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपितों ने खुद को प्रभावशाली लोगों और बैंक के सीनियर अफसर से जुड़ा बताकर पीड़ित और उसके सहयोगियों का विश्वास जीता था। कई वर्षों तक आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से बड़ी रकम वसूलते रहे। मामले का खुलासा तब हुआ जब ऋण स्वीकृति पत्र, नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच में सभी कागजात फर्जी पाए गए। एसएसपी के निर्देश पर गुलरिहा पुलिस ने सात आरोपितों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गगहा थाना क्षेत्र के भरवलिया निवासी शिवप्रकाश ने बताया कि वर्ष 2018 में वह पानी का प्लांट लगाने संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए नोएडा गए थे। वहीं उनकी मुलाकात अजीत सिंह नामक व्यक्ति से हुई। अजीत ने खुद को प्रभावशाली व्यक्तियों से करीबी संबंध रखने वाला बताते हुए अपनी पत्नी मुकेशलता, बहनोई रवि कटारिया और सहयोगी राजेश कुमार को बैंक के उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारी बताया। आरोपितों ने भरोसा दिलाया कि वे एक करोड़ रुपये तक का ऋण 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ स्वीकृत करा सकते हैं। इसके लिए उच्च अधिकारियों तक पहुंच बनाने और प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर मोटी रकम की मांग की गई।

जमीन का कराया निरीक्षण

शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने गुलरिहा क्षेत्र स्थित जमीन का निरीक्षण कराया। पहली किस्त के रूप में 10 लाख रुपये नकद ले लिए। इसके बाद उन्होंने सरकारी नौकरी दिलाने का भी प्रस्ताव दिया। नौकरी और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया का हवाला देकर अलग-अलग बैंक खातों तथा नकद माध्यम से लगातार धनराशि ली जाती रही। समय-समय पर आरोपित स्वयं को बड़े अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों से जुड़ा बताकर पीड़ित का विश्वास बनाए रखते रहे। इस दौरान कुल 85 लाख रुपये की रकम उनसे और उनके परिचितों से वसूली गई।

जान से मारने की दी धमकी

पीड़ित का आरोप है कि बाद में उन्हें लखनऊ सचिवालय बुलाकर ऋण स्वीकृति पत्र और नियुक्ति संबंधी दस्तावेज सौंपे गए। जब इनकी सत्यता की जांच बैंक और संबंधित विभागों में कराई गई तो सभी दस्तावेज कूटरचित और फर्जी निकले। रुपये वापस मांगने पर आरोपित लगातार टालमटोल करते रहे। मार्च 2024 में गोरखपुर के एक होटल में बुलाकर उन्होंने 85 लाख रुपये का चेक दिया। बैंक में प्रस्तुत करने पर वह भी फर्जी पाया गया। पीड़ित का आरोप है कि अब रुपये मांगने पर आरोपित जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।

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