रोइंग चैंपियनशिप का फाइनल देखने रामगढ़ताल पहुंचे सीएम योगी: रविकिशन के डायलॉग पर गूंजा मंच, बोले- यहां अब करप्शन नहीं, रोइंग चलत बा बाबू

सीएम योगी आदित्यनाथ रामगढ़ताल में आयोजित जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने दो फाइनल मुकाबले देखे और विजेता खिलाड़ियों को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस दौरान पूरा रामगढ़ताल खिलाड़ियों के उत्साह और दर्शकों की तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में सांसद रविकिशन की मौजूदगी भी चर्चा में रही। उन्होंने मंच से विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा- “यहां रोइंग चलत बा बाबू।” उनके इस अंदाज पर लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।
कार्यक्रम के दौरान रविकिशन ने अपने फिल्मी अंदाज में कहा कि पहले रामगढ़ताल में करप्शन, लूट और बदहाली थी। उन्होंने कहा कि वह रामगढ़ताल को कई बार “स्पेन” कहते हैं, क्योंकि यहां का विकास अब इंटरनेशनल लेवल का दिखाई देता है। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर करप्शन का चश्मा हटाकर देखेंगे तो रामगढ़ताल किसी विदेशी पर्यटन स्थल से कम नहीं लगेगा। मुख्यमंत्री के बगल में बैठे-बैठे रविकिशन की एक्टिंग और डायलॉगबाजी कार्यक्रम का बड़ा आकर्षण बन गई।
सीएम ने भी ली रविकिशन की चुटकी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंच से हल्के अंदाज में रविकिशन की चुटकी ली। उन्होंने कहा कि आज रविकिशन कार्यक्रम में नहीं आने वाले थे, लेकिन कुशीनगर के सांसद विजय दुबे ने कहा कि उनकी जगह मैं आ जाऊंगा। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता कुशीनगर में कराने की भी चर्चा चल रही थी, तभी रविकिशन भी पहुंच गए। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर मंच और दर्शक दीर्घा में ठहाके गूंज उठे।
रामगढ़ताल बनेगा इंटरनेशनल स्पोर्ट्स हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ताल अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल पहचान बना चुका है। यहां वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया गया है। आने वाले समय में यहां और बड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 अहमदाबाद में प्रस्तावित हैं और उसकी तैयारी में रोइंग खिलाड़ियों को मजबूत ट्रेनिंग देना जरूरी है। इसी वजह से भारतीय महिला रोइंग टीम के प्रशिक्षण के लिए गोरखपुर को चुना गया है। यहां अच्छे कोच, मैनेजर और एक्सपर्ट तैनात किए जाएंगे ताकि भारत इंटरनेशनल स्तर पर ज्यादा मेडल जीत सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ताल को आधुनिक बनाने में सरकार ने बड़ा निवेश किया है। करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से यहां विश्वस्तरीय वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया गया। इसी का नतीजा है कि लगातार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं यहां आयोजित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स 2026 की तैयारी में जुटी भारतीय महिला टीम का कैंप भी यहीं लगाया गया था।
खेल सुविधाओं पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं का गंभीर अभाव था। गांवों में मैदान नहीं थे और जिलों में स्टेडियम की कमी थी। अब हर गांव में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर जिले में बड़ा स्टेडियम बनाया जा रहा है। सरकार ने नई खेल नीति लागू की है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और नौकरी के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल और नेशनल स्तर पर मेडल जीतने वाले 534 खिलाड़ियों को सीधी सरकारी नौकरी दी गई है। करीब 500 खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया अभी चल रही है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा खेलों में आगे बढ़ें और देश का नाम रोशन करें।
खेल मंत्री बोले- मेहनत का मिला परिणाम
प्रदेश के खेल राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करा रही है। इसका नतीजा अब राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का पदक जीतना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
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