बिजली व्यवस्था को मिलेगा नया सहारा: नौसड़ में बनेगा आधुनिक सबस्टेशन, 15 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

महानगर के नौसड़ क्षेत्र में लंबे समय से बनी बिजली संकट की समस्या अब जल्द दूर होने की उम्मीद है। बिजली निगम ने क्षेत्र में नए विद्युत उपकेंद्र (सबस्टेशन) के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत प्रस्तावित इस परियोजना को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जल्द ही निर्माण एजेंसी का चयन कर काम प्रारंभ कराया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि नया उपकेंद्र शुरू होने के बाद नौसड़ और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक स्थिर, सुचारु और भरोसेमंद हो जाएगी।
वर्तमान समय में नौसड़ क्षेत्र लगातार बढ़ते बिजली लोड की समस्या से जूझ रहा है। आबादी बढ़ने और नए आवासीय इलाकों के विकसित होने के कारण मौजूदा बिजली व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। इसके चलते उपभोक्ताओं को ओवरलोडिंग, बार-बार ट्रिपिंग और तकनीकी फाल्ट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। घंटों तक बिजली कटौती से लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है।
लोड बंटने से घटेगी ट्रिपिंग और फाल्ट की समस्या
बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार, नए उपकेंद्र के निर्माण के बाद मौजूदा फीडरों पर पड़ रहा अतिरिक्त लोड कम हो जाएगा। इससे बिजली वितरण व्यवस्था संतुलित होगी। ओवरलोडिंग के कारण होने वाले तकनीकी फाल्ट में बड़ी कमी आएगी। विभाग का मानना है कि इससे न केवल बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधरेगी। उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत सेवा भी मिल सकेगी। नए उपकेंद्र का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि क्षेत्र में बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और अचानक बिजली बाधित होने की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के अधिक उपयोग से जो दबाव सिस्टम पर पड़ता है। उसे भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
15 हजार घरों को मिलेगा सीधा लाभ
बिजली निगम के मुताबिक, इस परियोजना से करीब 15 हजार घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। उपकेंद्र चालू होने के बाद नौसड़ के साथ-साथ आसपास के कई मोहल्लों की बिजली व्यवस्था मजबूत होगी। लोगों को कम वोल्टेज, बार-बार बिजली जाने और लंबे समय तक कटौती जैसी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। गर्मी और उमस के दौरान घंटों बिजली गायब रहने से आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में नए उपकेंद्र की घोषणा से क्षेत्रवासियों में राहत और उम्मीद दोनों दिखाई दे रही है।
अधिकारियों ने कहा- अधिक विश्वसनीय होगी व्यवस्था
अधीक्षण अभियंता (शहरी) रणजीत चौधरी ने बताया कि नौसड़ उपकेंद्र निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य तेजी से बढ़ते बिजली लोड को संतुलित करना और उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि नया उपकेंद्र तैयार होने के बाद क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत और विश्वसनीय होगी। ओवरलोडिंग के कारण होने वाले फाल्ट में कमी आएगी। लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। विभाग जल्द ही निर्माण एजेंसी का चयन कर परियोजना पर काम शुरू कराया जाएगा।
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