हाईवे पर डायवर्जन बोर्ड और साइनेज का अभाव: एनएचएआई की लापरवाही उजागर, सुरक्षा समीक्षा बैठक में खुली बड़ी पोल

गोरखपुर|13 घंटे पहले
एनएचएआई की लापरवाही उजागर, सुरक्षा समीक्षा बैठक में खुली बड़ी पोल

रामगढ़ताल क्षेत्र के अजवनिया गांव के समीप गुरुवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे की प्रारंभिक जांच में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में पता चला है कि हाईवे पर मरम्मत कार्य के चलते एक लेन को बंद कर दिया गया था। इसके संबंध में वाहन चालकों को पूर्व सूचना देने के लिए न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे और न ही डायवर्जन संबंधी साइनेज की समुचित व्यवस्था की गई थी। परिणामस्वरूप दोनों दिशाओं के वाहनों को एक ही लेन से गुजरना पड़ रहा था। जिससे दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी।

हादसे के बाद शुक्रवार को मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने जिले में चल रहे निर्माण कार्यों, खनन गतिविधियों और मिट्टी के सुरक्षित परिवहन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सीनियर पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि मिट्टी परिवहन में लगे डंपरों की ओवरस्पीडिंग, नियमों की अनदेखी और बिना ढके मिट्टी ढोने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई ठेकेदार निर्धारित सीमा से अधिक मिट्टी का खनन कर रहे है। साथ ही उसका अवैध कारोबार कर रहे हैं। जिससे राजस्व हानि के साथ-साथ सड़क सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।

अवैध खनन और डंपरों पर होगी सख्त कार्रवाई

बैठक में सभी थानाध्यक्षों को रात के समय डंपरों की विशेष जांच करने और वैध दस्तावेज न मिलने पर वाहनों को तत्काल सीज करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने खनन विभाग को नियमित निरीक्षण कर निर्धारित सीमा से अधिक खनन रोकने का आदेश दिया। वहीं, डीआईजी डॉ. एस. चनप्पा ने बाहर रह रहे लोगों की जमीनों पर अवैध खनन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड

बैठक में यह भी सामने आया कि टोल शुल्क बचाने के लिए कई डंपर चालक ग्रामीण मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मार्गों की पहचान कर वहां मजबूत बैरियर लगाने के निर्देश एनएचएआई को दिए गए हैं। मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में डंपर से किसी व्यक्ति की मौत होने पर चालक, वाहन स्वामी और संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा नदी और जलाशयों में डूबने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया है। इन बोर्डों पर संबंधित थानाध्यक्ष, पुलिस सहायता और एनडीआरएफ के संपर्क नंबर भी अंकित किए जाएंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षा उपायों के प्रति सचेत किया जाएगा।

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