गोरखपुर में दो करोड़ की हेराफेरी का मास्टरमाइंड कैशियर अरेस्ट: दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल, सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर सालों तक करता रहा गबन

गोरखपुर|13 घंटे पहले
 दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल, सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर सालों तक करता रहा गबन

शहर के संगम साड़ी सेंटर में करीब दो करोड़ रुपये की नकदी और माल की हेराफेरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कैंट पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड कैशियर रवि प्रताप विश्वकर्मा को अरेस्ट कर लिया है। आरोपी को कैंट क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया है। जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कुशीनगर जनपद के हनुमानगंज थाना क्षेत्र स्थित रामपुर जंगल छितौनी गांव का निवासी है। लंबे समय से प्रतिष्ठान में कैशियर एवं सेल्समैन के रूप में कार्यरत था।

यह मामला गोलघर और गोरखनाथ क्षेत्र में संचालित संगम साड़ी सेंटर तथा गीता होलसेल मार्ट से जुड़ा हुआ है। प्रतिष्ठान की संचालिका वंदना टेकरीवाल ने अपने पांच कर्मचारियों के खिलाफ कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया था कि कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से बिलिंग सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ की है। बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया है। जांच के दौरान सामने आया कि कई बिक्री के बिल या तो एडिट कर दिए जाते थे या फिर पूरी तरह डिलीट कर दिए जाते थे। जिससे वास्तविक लेनदेन रिकॉर्ड में दिखाई न दे। इतना ही नहीं, कई ग्राहकों को नियमित बिल देने के बजाय सादे कागज पर डुप्लीकेट बिल जारी किए जाते थे। जिससे बिक्री और स्टॉक का सही हिसाब छिपाया जा सके।

स्टॉक मिलान में खुला राज

थाना प्रभारी संजय सिंह के अनुसार, स्टॉक और बिलिंग रिकॉर्ड के विस्तृत मिलान के दौरान करोड़ों रुपये की विसंगति सामने आई है। जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में लगभग दो करोड़ रुपये मूल्य के सामान और नकदी के गबन की पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि अरेस्ट आरोपी बिलिंग प्रक्रिया में तकनीकी हेराफेरी कर गबन को अंजाम देने में प्रमुख भूमिका निभा रहा था। मामले में दो अन्य आरोपियों को पहले ही अरेस्ट कर जेल भेजा जा चुका है।

फरार आरोपियों की तलाश में दबिश

पुलिस के अनुसार, शिकायत सामने आने के बाद आरोपियों ने प्रबंधन के साथ अभद्रता की। धमकी देने के बाद नौकरी छोड़कर फरार हो गए थे। फिलहाल मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी अरेस्ट कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

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