कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में बड़ा एक्शन: छह दरोगा समेत नौ सिपाही सस्पेंड, मुठभेड़ में फैक्ट्री मालिक गिरफ्तार

कौशांबी जिले में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया हैं। इस घटना में फैक्ट्री मालिक नौशाद अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस लापरवाही को लेकर पिपरी थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक और छह सब-इंस्पेक्टर समेत नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
मंगलवार तड़के फैक्ट्री मालिक नौशाद को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी है। वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। हादसे में जान गंवाने वाले आठ बच्चों समेत 11 शवों का पोस्टमॉर्टम होगा,जिसमें तीन शवों का प्रयागराज जबकि आठ शवों का पोस्टमॉर्टम कौशांबी में होगा।
मलबे में बेटे की लाश खोजता दिखा बुजुर्ग पिता
मंगलवार को भी फैक्ट्री का मलबा बुलडोजर से हटाया जा रहा है। पुलिस देख रही है कि कोई मलबे में दबा तो नहीं है। फोरेंसिक टीम भी मौके पर जांच कर रही है। इसी बीच, बुजुर्ग पिता सरजू दास मलबे में बेटे सुनील की लाश खोजता दिखा। उन्होंने कहा कि बेटे का एक पैर पोस्टमॉर्टम हाउस में मिला है, लेकिन धड़ अभी नहीं मिला। यहां मुझे उसकी बाइक मिली है।
आरोपी की आय से अधिक संपत्ति होगी जब्त
एसपी कौशांबी सत्यनारायण प्रजापत ने कहा कि आरोपी की आय से अधिक संपत्ति को जब्त करने के लिए टीम लगाई गई है। एक व्यक्ति सुनील मौर्य मिसिंग है। उसके पिता का दावा है कि उनके बेटे का एक हाथ मिला है। उन्होंने उसकी शिनाख्त की है। पहचान के लिए टीम भी लगाई गई है।
एक दिन पहले तीन दरोगा हुए थे लाइन हाजिर
आईजी प्रयागराज अजय कुमार मिश्रा ने पिपरी के पूर्व थाना प्रभारी इंस्पेक्टर शिवचरण राम, पिपरी थाने के वर्तमान प्रभारी दरोगा विकास सिंह, चरवा थाना प्रभारी दरोगा विनय सिंह, दरोगा अजीत सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल और अमित द्विवेदी को सस्पेंड कर दिया है। एक दिन पहले एसपी ने तीन दरोगा को लाइन हाजिर किया था। इनमें थानाध्यक्ष विकास सिंह, अमित और मनीष भी शामिल थे। वहीं सिपाही जितेंद्र और कृष्ण कुमार को सस्पेंड किया था।




