लखनऊ एयरपोर्ट पर DRI ने की बड़ी कार्रवाई: 12 करोड़ का गांजा पकड़ा, गोरखपुर के तीन युवक गिरफ्तार

शहर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने एक यात्री के पास से भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक वीड यानी उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया है। इस बरामदगी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 करोड़ रुपये आंकी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, डीआरआई को पहले से ही इस तस्करी की सटीक सूचना मिल चुकी थी। सूचना में बताया गया था कि बैंकॉक से आने वाली एयर एशिया की फ्लाइट से एक यात्री बड़ी मात्रा में ड्रग्स लेकर आ रहा है। इसके बाद टीम ने एयरपोर्ट पर सघन निगरानी शुरू कर दी। जैसे ही फ्लाइट लैंड हुई, अधिकारियों ने यात्रियों की बारीकी से जांच शुरू की।
बैग की तलाशी में मिला प्रतिबंधित पदार्थ
जांच के दौरान एक संदिग्ध यात्री पर अधिकारियों की नजर ठहर गई। उसके व्यवहार और गतिविधियों के आधार पर उसे अलग किया गया। इसके बाद उसके सामान की गहन तलाशी ली गई। तलाशी में उसके बैग से करीब 12 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई। यह मादक पदार्थ खास तकनीक से उगाया जाता है और इसकी क्वालिटी बेहद हाई मानी जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग काफी अधिक है। इसी वजह से इसकी कीमत सामान्य गांजे से कई गुना ज्यादा होती है। बरामदगी के तुरंत बाद डीआरआई टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और ड्रग्स को जब्त कर लिया।
दिल्ली पहुंचाने की थी जिम्मेदारी
बैंकॉक से लखनऊ एयरपोर्ट के जरिए लाई गई करोड़ों रुपये की ऑर्गेनिक गांजा तस्करी के मामले में गोरखपुर कनेक्शन सामने आया है। हुसैनगंज पुलिस ने इस मामले में गोरखपुर जिले के तीन युवकों समेत कुल पांच आरोपियों को अरेस्ट किया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में बांसगांव क्षेत्र के मऊ खुर्द निवासी प्रियांशु तिवारी, गोला इलाके के डाड़ी निवासी राहुल शर्मा और उरुवा बाजार के लाजुनपुर निवासी दीपक शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब दो किलो 700 ग्राम ऑर्गेनिक गांजा, पांच किलो गांजा, आठ मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो बरामद की है। पूछताछ में सामने आया कि बैंकॉक से गांजे की खेप फ्लाइट के जरिए लखनऊ लाई गई थी। एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद गोरखपुर के आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ तस्कर को रिसीव करने पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक दीपक को यह गांजा दिल्ली पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं अन्य आरोपी पूरी सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्ट में सहयोग कर रहे थे। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल से कई अहम सुराग मिले हैं। अब पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
तस्करी के नेटवर्क की तलाश में पूछताछ
फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। डीआरआई अधिकारी इस बात का भी पता लगाने में जुटे हैं कि यह खेप कहां से आई और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि क्या एयरपोर्ट के अंदर किसी की मिलीभगत तो नहीं है।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी बरामदगियां
गौरतलब है कि लखनऊ एयरपोर्ट पर यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार करोड़ों रुपये की ड्रग्स पकड़ी जा चुकी है। तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश करते हैं। करीब 15 दिन पहले भी इसी एयरपोर्ट पर एक और बड़ी कार्रवाई हुई थी। उस समय एक यात्री के पास से 14.504 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई थी। उसकी कीमत करीब 14.50 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उस मामले में आरोपी ओमान एयरलाइंस की फ्लाइट से बैंकॉक होते हुए लखनऊ पहुंचा था। ग्रीन चैनल पर संदेह के आधार पर उसे रोका गया था। उसके बैग से वैक्यूम पैक पाउच में ड्रग्स बरामद हुई थी।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, सख्ती जारी
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा और सख्त कर दी गई है। डीआरआई और अन्य एजेंसियां अब हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं। एक्सपर्टस का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क भारत के बड़े शहरों को ट्रांजिट प्वाइंट के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट पर सख्ती बेहद जरूरी हो गई है।
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