यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 38 आईएएस अफसरों के तबादले, आठ जिलों के डीएम बदले

उत्तर प्रदेश में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार देर रात 38 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस फैसले में आठ जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं। यह ट्रांसफर सूची कई वजहों से चर्चा में है। कुछ अफसरों को प्रमोशन जैसा पोस्टिंग मिला है। वहीं कुछ को साइडलाइन भी किया गया है। इस फेरबदल को सरकार की प्रशासनिक सख्ती और परफॉर्मेंस आधारित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। कई ऐसे अफसर हैं, जिनके कामकाज को लेकर शिकायतें थीं। वहीं कुछ अधिकारियों को बेहतर काम के चलते बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
सबसे ज्यादा चर्चा रिंकू सिंह राही की पोस्टिंग को लेकर हो रही है। उन्हें नौ महीने बाद फील्ड पोस्टिंग मिली है। अब उन्हें जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट बनाया गया है। रिंकू सिंह राही ने हाल ही में कंडीशनल इस्तीफा दिया था। उन्होंने शिकायत की थी कि उन्हें वेतन तो मिल रहा है, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं मिल रहा। हालांकि बाद में उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। शासन ने उन्हें भरोसा दिया था कि जल्द पोस्टिंग दी जाएगी। इससे पहले वह शाहजहांपुर में एसडीएम थे। वकीलों के सामने उठक-बैठक कराने के मामले में उन्हें हटाकर राजस्व परिषद भेज दिया गया था। तब से वह बिना फील्ड पोस्टिंग के थे।
कुछ अफसरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
डॉ. राजेंद्र पेंसिया को संभल से हटाकर मुरादाबाद का डीएम बनाया गया है। इसे प्रमोशन के रूप में देखा जा रहा है। संभल में उनके काम की काफी तारीफ हुई थी। उन्होंने तीर्थ स्थलों की खोज और अवैध कब्जों पर कार्रवाई कर सुर्खियां बटोरी थीं। वहीं अंकित खंडेलवाल को संभल का नया डीएम बनाया गया है। वह पहले आगरा में नगर आयुक्त थे। उनकी छवि सख्त अधिकारी की है। हाल ही में उन्होंने जलकल विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी।
विवादों में रहे डीएम हटाए गए
सरकार ने कुछ अधिकारियों को विवादों के चलते हटाया भी है। दिव्या मित्तल को देवरिया डीएम पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। उनके खिलाफ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की शिकायतें थीं। इसी तरह रमेश रंजन को फिरोजाबाद डीएम पद से हटाकर अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त बनाया गया है। उन पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे थे। टूंडला की तत्कालीन तहसीलदार राखी शर्मा ने उन पर आईफोन और आईवॉच लेने का आरोप लगाया था। सूत्रों के अनुसार, सरकार उनके कामकाज से भी संतुष्ट नहीं थी। यही वजह है कि उन्हें साइडलाइन पोस्टिंग दी गई है।
अन्य अफसर भी हुए प्रभावित
शिव सहाय अवस्थी को प्रतापगढ़ डीएम पद से हटाकर ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का सीईओ बनाया गया है। इसे भी साइडलाइन पोस्टिंग माना जा रहा है। वहीं डॉ. दिनेश चंद्र को जौनपुर डीएम पद से हटाकर समाज कल्याण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। हाल ही में एक सड़क हादसे के मामले में समय पर कार्रवाई न करने पर कोर्ट ने उनके वेतन का हिस्सा रोकने का आदेश दिया था।
ट्रांसफर के पीछे साफ संदेश
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल से सरकार का साफ संदेश नजर आता है। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को आगे बढ़ाया गया है। वहीं विवादों और शिकायतों में घिरे अफसरों पर कार्रवाई की गई है। यह बदलाव बताता है कि सरकार अब परफॉर्मेंस और जवाबदेही पर ज्यादा फोकस कर रही है। आने वाले समय में प्रशासनिक स्तर पर और सख्ती देखने को मिल सकती है।
ब्यूरोक्रेसी में चर्चा तेज
इस ट्रांसफर लिस्ट के बाद ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज हो गई है। अफसरों के बीच इस फैसले को लेकर चर्चा है। कौन प्रमोट हुआ और कौन साइडलाइन हुआ, इस पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल यह साफ है कि यह फेरबदल सिर्फ रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि एक बड़ा मैसेज भी है। सरकार ने संकेत दिया है कि काम ही सबसे बड़ा पैमाना होगा।
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