लखनऊ में बड़े मंगल का महाउत्सव: आज 1,000 भंडारे, आठ मंगलों से खास बना ज्येष्ठ महीना

लखनऊ|05 मई 2026
आज 1,000 भंडारे, आठ मंगलों से खास बना ज्येष्ठ महीना

शहर में आज ज्येष्ठ महीने का पहला बड़ा मंगल पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शहर में भक्ति और सेवा का माहौल है। करीब 1000 से ज्यादा भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। नगर निगम के पास 348 आयोजकों ने आधिकारिक रूप से रजिस्ट्रेशन कराया है। हर गली, हर चौराहे और मंदिर के पास भंडारे की तैयारी दिख रही है। भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हैं।

नगर निगम ने इस बार व्यवस्थाओं को लेकर खास प्लान तैयार किया है। भंडारों में पीने के पानी और सफाई की सुविधा फ्री में उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। आयोजकों को “लखनऊ वन ऐप” के जरिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। इससे कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई बेहतर तरीके से हो सकेगी। इस साल ज्येष्ठ का महीना और भी खास हो गया है। मलमास पड़ने की वजह से इस बार कुल आठ बड़े मंगल मनाए जाएंगे। आमतौर पर यह संख्या कम होती है। मंदिरों के पुजारियों के अनुसार, मलमास में पड़ने वाले बड़े मंगल का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। हनुमान जी की पूजा इस दिन विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई प्रार्थना और सेवा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। भक्त सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं और भंडारों में सेवा दे रहे हैं।

रात से ही शुरू हुआ दर्शन

दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर और अलीगंज हनुमान मंदिर जैसे प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। कई भक्त रात 12 बजे से ही पहुंच गए थे। कुछ लोग लेटकर परिक्रमा कर रहे हैं। पूरे दिन दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहेगा। पंडितों का कहना है कि इस बार का बड़ा मंगल आस्था के साथ-साथ सेवा का भी बड़ा अवसर है। लोग अपनी क्षमता के अनुसार भंडारे कर रहे हैं या उनमें सहयोग दे रहे हैं।

ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने शहर के कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया है। यह डायवर्जन सोमवार रात 12 बजे से ही लागू कर दिया गया है। आयोजन समाप्त होने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। हनुमान सेतु और अलीगंज इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। दो बटालियन पीएसी भी लगाई गई हैं। आईटीएमएस और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक को सुचारु बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं।

पर्यावरण के लिए अपील

नगर निगम ने इस बार पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया है। आयोजकों से प्लास्टिक और थर्माकोल के इस्तेमाल से बचने की अपील की गई है। इसके बजाय पत्तल और मिट्टी के कुल्हड़ इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। हर भंडारा स्थल पर गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन लगाए जा रहे हैं। भंडारे के बाद सफाई की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी। नगर आयुक्त ने कहा कि यह आयोजन परंपरा के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी दिखाने का भी मौका है।

बड़ा मंगल की परंपरा, आस्था से जुड़ी कहानी

लखनऊ में बड़ा मंगल सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पहचान है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन हनुमानजी के वृद्ध स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि अवध के नवाब शुजाउद्दौला की बेगम को स्वप्न में हनुमानजी के दर्शन हुए थे। इसके बाद अलीगंज क्षेत्र में खुदाई कर मूर्ति स्थापित की गई। वहीं से भंडारे की परंपरा शुरू हुई। एक अन्य कथा के अनुसार, महामारी के समय लोगों ने हनुमानजी से प्रार्थना की थी और संकट टल गया था। तभी से बड़े मंगल पर भंडारे की परंपरा चल पड़ी।

नव्य जागरण

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