बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: माइनस बैलेंस पर भी 30 दिन तक नहीं कटेगा कनेक्शन, एक किलोवाट पर 30 दिन तक राहत

उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। अब एक किलोवाट तक के स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन बैलेंस माइनस होने पर भी तुरंत नहीं कटेगा। सरकार ने साफ किया है कि ऐसे कनेक्शन 30 दिनों तक चालू रहेंगे। इससे खासतौर पर गरीब और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। बढ़ती गर्मी और बिजली की जरूरत को देखते हुए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
सरकार के नए नियम के तहत एक किलोवाट कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन 30 दिन तक चालू रहेगा, भले ही उनका बैलेंस निगेटिव हो जाए। वहीं दो किलोवाट भार वाले उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है। ऐसे उपभोक्ताओं का कनेक्शन 200 रुपये तक माइनस बैलेंस होने पर भी नहीं काटा जाएगा। इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। खासकर वे लोग जो समय पर रिचार्ज नहीं कर पाते।
कनेक्शन काटने से पहले मिलेंगे पांच एसएमएस अलर्ट
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब कनेक्शन काटने से पहले उपभोक्ताओं को पांच बार एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे। इससे उन्हें समय रहते जानकारी मिल जाएगी। उपभोक्ता अपना बैलेंस रिचार्ज कर सकेंगे। इससे अचानक बिजली कटने की समस्या खत्म होगी। यह सिस्टम ज्यादा यूजर-फ्रेंडली माना जा रहा है।
बिजली व्यवस्था को मजबूत करने का दावा
सरकार ने बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। मंत्री के अनुसार प्रदेश में करीब 30 लाख नए बिजली के खंभे लगाए गए हैं। इसके अलावा ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी बढ़ाई गई है। सरकार का दावा है कि गर्मी के मौसम में किसी भी उपभोक्ता को बिजली की समस्या नहीं होने दी जाएगी। निर्बाध और क्वालिटी पावर सप्लाई सुनिश्चित करने पर फोकस किया जा रहा है।
गरीब उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा राहत
प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जुड़े करीब 75 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 42 लाख उपभोक्ता बीपीएल श्रेणी के हैं। यह वही वर्ग है जो सबसे ज्यादा आर्थिक दबाव में रहता है। ऐसे में यह राहत उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है। एक किलोवाट और दो किलोवाट के कनेक्शन वाले ज्यादातर उपभोक्ता इसी श्रेणी में आते हैं। सरकार का यह कदम सीधे तौर पर इस वर्ग को राहत देने वाला है।
प्रीपेड मीटर को लेकर उठी मांग
इस बीच उपभोक्ता संगठनों ने प्रीपेड मीटर को लेकर सवाल भी उठाए हैं। अवधेश कुमार वर्मा ने मांग की है कि जब केंद्रीय स्तर पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म की जा चुकी है तो प्रदेश में भी इसे खत्म किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि प्रीपेड सिस्टम से गरीब उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी होती है।
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