भाजपा की नई प्रदेश टीम पर आज लग सकती है अंतिम मुहर: क्षेत्रीय अध्यक्षों को लेकर मंथन तेज, 25 मई के बाद कभी भी हो सकता है ऐलान

उत्तर प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी संगठन का नया खाका लगभग तैयार माना जा रहा है और अब अंतिम मंजूरी के लिए दिल्ली में लगातार मंथन चल रहा है। पिछले चार दिनों से शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर बैठकों का दौर जारी है। माना जा रहा है कि रविवार को होने वाली अहम बैठक में नई टीम पर अंतिम मुहर लग सकती है। हालांकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दिल्ली से बाहर होने के कारण अब तक औपचारिक घोषणा नहीं हो सकी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 25 मई के बाद कभी भी नई प्रदेश टीम का ऐलान किया जा सकता है।
भाजपा संगठन में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा क्षेत्रीय अध्यक्षों के चयन को लेकर है। कई दावेदार इन दिनों दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और शीर्ष नेतृत्व से संपर्क साधने में जुटे हैं। पार्टी संगठन जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के साथ आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। माना जा रहा है कि इस बार संगठन में कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि कुछ पुराने पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव तय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करने वाले कुछ नेताओं को प्रदेश संगठन से बाहर रखा जा सकता है। वहीं कई मौजूदा प्रदेश महामंत्रियों की भूमिका भी बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा नेतृत्व संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के लिए नई रणनीति पर काम कर रहा है।
दिल्ली में चल रही हाईलेवल बैठकों पर सबकी नजर
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह पिछले कई दिनों से दिल्ली में मौजूद हैं। दोनों नेताओं की भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के साथ महत्वपूर्ण बैठकें हो चुकी हैं। हालांकि अंतिम सूची को लेकर अभी भी कुछ नामों पर सहमति बननी बाकी बताई जा रही है। इसी वजह से पार्टी मुख्यालय लखनऊ में फिलहाल सन्नाटा पसरा हुआ है और प्रदेश के नेता दिल्ली से आने वाले संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
राष्ट्रवाद और संगठन विस्तार पर भाजपा का जोर
इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक दृष्टि को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की यात्रा केवल सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र सेवा और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का अभियान है। उनके मुताबिक पार्टी का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद, सेवा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और संगठन विस्तार उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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