यूपी में 1.5 लाख नौकरियों का ऐलान: भर्ती प्रक्रिया पर सख्ती, सीएम योगी ने भ्रष्टाचार पर दी कड़ी चेतावनी

प्रदेश में रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में कहा कि राज्य में अगले एक साल में करीब डेढ़ लाख सरकारी भर्तियां की जाएंगी। यह भर्तियां अलग-अलग आयोगों और भर्ती बोर्डों के जरिए होंगी। उन्होंने साफ कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है और अब किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योगी ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग 32 हजार पदों पर भर्ती करेगा। वहीं लोक सेवा आयोग 15 हजार नौकरियां देगा। पुलिस भर्ती बोर्ड 45 हजार पदों पर भर्ती कर रहा है। आने वाले समय में इसी स्तर पर और भर्तियां भी निकाली जाएंगी।
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने 357 कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) और 252 डेंटल हाइजीनिस्ट को जॉइनिंग लेटर सौंपे। इस दौरान उन्होंने पुरानी भर्ती व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले भर्ती बोर्डों में भ्रष्टाचार आम था। “चाचा-भतीजा मॉडल” चलता था। चेयरमैन का इस्तेमाल सिर्फ बचाव के लिए किया जाता था। योगी ने कहा कि अब सिस्टम पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने नए चयनित युवाओं से भी अपील की कि वे ईमानदारी से काम करें और भ्रष्टाचार को रोकने में अपनी भूमिका निभाएं।
युवक के सुसाइड का जिक्र
सीएम योगी ने अपने भाषण में एक पुराना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि गोरखपुर सांसद रहते हुए उन्हें एक ऐसी घटना का सामना करना पड़ा, जिसने उन्हें झकझोर दिया। एक युवक ने पुलिस भर्ती में चयन के बावजूद नियुक्ति पत्र न मिलने से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि ऐसी स्थितियां किसी भी हाल में दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नौकरी न मिलना सिर्फ एक व्यक्ति की समस्या नहीं होती, बल्कि पूरे समाज के विश्वास को तोड़ता है।
भर्ती में गड़बड़ी पर उम्रकैद तक का प्रावधान
सीएम ने साफ किया कि अब भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून लागू है। दोषी पाए जाने पर संपत्ति जब्त की जाएगी और आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करना बड़ा अपराध है। पहले भर्ती में भेदभाव, फर्जीवाड़ा और कोर्ट केस आम थे। कई बार परीक्षाएं रद्द हो जाती थीं। अब ऐसी स्थिति नहीं है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
योगी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में मेडिकल सुविधाएं बेहद कमजोर थीं। आज 81 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स काम कर रहे हैं। लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पहले दवाओं और खाद्य पदार्थों की जांच के लिए पर्याप्त लैब नहीं थीं। अब मंडल स्तर पर आधुनिक लैब स्थापित की गई हैं। जांच प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो गई है।
फूड और ड्रग टेस्टिंग में सुधार
सीएम ने कहा कि पहले सिर्फ 12 हजार नमूनों की जांच होती थी। अब यह संख्या बढ़कर 55 हजार हो गई है। पहले जांच में वर्षों लग जाते थे। अब तय समय में रिपोर्ट मिलती है। इससे मिलावटखोरों पर लगाम लगी है। उन्होंने कहा कि अब लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
नौ साल में सिस्टम में बदलाव का दावा
योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल के नौ साल का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में बड़ा परिवर्तन हुआ है। पहले फर्जी डिग्री वाले लोग आयोगों के चेयरमैन बन जाते थे। अब मेरिट के आधार पर चयन हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस साफ है- पारदर्शिता, रोजगार और सुशासन।
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