डीएलएड ओडीएल शिक्षकों को बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने टीईटी 2026 में बैठने की दी परमिशन, कोर्ट का अंतरिम आदेश

उत्तर प्रदेश में शिक्षा से जुड़े हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ पीठ ने एक अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत डीएलएड (ओडीएल) करने वाले शिक्षकों को यूपी टीईटी 2026 में बैठने की अनुमति दे दी गई है। यह फैसला करीब 50 हजार सेवारत शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से ये शिक्षक अपनी पात्रता को लेकर असमंजस में थे। अब कोर्ट के इस फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने दिया है। यह फैसला शुभम कुमार शुक्ला समेत 36 शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। कोर्ट ने साफ कहा कि अंतिम निर्णय आने तक इन शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका जा सकता। यह एक अंतरिम राहत है, लेकिन इसका असर हजारों शिक्षकों पर पड़ेगा। इससे उन्हें अपने करियर को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा।
क्या है पूरा मामला
मामला डीएलएड ओडीएल कोर्स से जुड़ा है। ये कोर्स राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के जरिए कराया गया था। यह 18 महीने का डिप्लोमा प्रोग्राम था। कई सेवारत शिक्षकों ने इसे पूरा किया था। लेकिन यूपी टीईटी 2026 में उन्हें शामिल होने से रोका जा रहा था। इससे शिक्षकों में नाराजगी थी। उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्देश दे चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जो शिक्षक 10 अगस्त 2017 तक सेवा में थे और जिन्होंने 18 महीने का ओडीएल डिप्लोमा पूरा कर लिया है, उन्हें पात्र माना जाएगा। इसके बावजूद उन्हें परीक्षा से बाहर रखा जा रहा था। इसे याचिकाकर्ताओं ने न्यायिक आदेशों का उल्लंघन बताया।
वकील की दलील और कोर्ट की प्रतिक्रिया
याचियों की ओर से वकील रजत राजन सिंह ने जोरदार पैरवी की। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों को परीक्षा से वंचित करना गलत है। यह उनके अधिकारों का हनन है। कोर्ट ने उनकी दलीलों को गंभीरता से सुना। इसके बाद अंतरिम आदेश जारी करते हुए शिक्षकों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी।
सरकार और संस्थाओं से मांगा जवाब
कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार, परीक्षा आयोग और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को नोटिस जारी किया है। सभी से जवाबी हलफनामा मांगा गया है। उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए समय दिया गया है। इससे साफ है कि कोर्ट इस मामले को गंभीरता से देख रहा है।
अगली सुनवाई की तारीख तय
मामले की अगली सुनवाई 22 मई 2026 को होगी। तब तक यह अंतरिम राहत जारी रहेगी। यानी संबंधित शिक्षक फिलहाल यूपी टीईटी 2026 में बैठ सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय कोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर करेगा। यह फैसला आगे की नीति और नियमों को भी प्रभावित कर सकता है।
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