लखनऊ में बिजली संकट पर फूटा जनता का गुस्सा: जेई को बनाया बंधक, अखिलेश बोले- यह ‘महा विद्युत आपदा’

भीषण गर्मी के बीच राजधानी लखनऊ इन दिनों गंभीर बिजली संकट से जूझ रही है। शहर के कई इलाकों में लगातार घंटों की बिजली कटौती ने लोगों का सब्र तोड़ दिया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब जनता का गुस्सा सीधे बिजली विभाग के अधिकारियों पर फूटने लगा है। कहीं सड़क जाम कर प्रदर्शन हो रहे हैं तो कहीं बिजली कर्मचारियों को घेरकर विरोध जताया जा रहा है। पारा इलाके में तो आक्रोशित लोगों ने विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) को कई घंटों तक बंधक बनाए रखा और उनकी गाड़ी के टायर तक पंक्चर कर दिए। इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी में बिजली व्यवस्था की बदहाली को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
लखनऊ के पारा, साउथ सिटी, सआदतगंज, राजाजीपुरम, सरोजनी नगर, चिनहट और नीलमथा समेत कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से बिजली संकट बना हुआ है। लगातार ट्रिपिंग, ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबियों के कारण लोग घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी भीषण गर्मी और उमस के बीच हो रही है, जहां बिजली कटौती के चलते पानी का संकट भी गहरा गया है। कई कॉलोनियों में सबमर्सिबल पंप बंद पड़े हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी तक के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
लोगों ने की नारेबाजी
पारा इलाके में हालात शुक्रवार को तनावपूर्ण हो गया। जब बिजली न आने से नाराज लोगों ने बुद्धेश्वर चौराहे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान वहां पहुंचे जेई की गाड़ी रोक ली गई और उनके वाहन के टायर पंक्चर कर दिए गए। लोगों ने साफ कहा कि जब तक बिजली बहाल नहीं होगी, किसी अधिकारी को वहां से जाने नहीं दिया जाएगा। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन घंटों तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
36 घंटे से अंधेरे में कई कॉलोनियां
सोना बिहार, मुनेश्वर पुरम, प्रभात पुरम, बादशाह खेड़ा, बुद्धेश्वर, बादल खेड़ा और जनता विहार कॉलोनी समेत कई इलाकों में करीब 36 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। विभाग ने देर रात कुछ समय के लिए सप्लाई बहाल की, लेकिन शनिवार सुबह फिर से लाइन ट्रिप हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। सआदतगंज के रामप्रसाद बिस्मिल नगर और अंबरगंज क्षेत्र में ओवरहेड तार टूटने से आधे इलाके की बिजली सप्लाई ठप हो गई। कई बार मरम्मत के बावजूद तार बार-बार टूटते रहे। लोगों का कहना है कि बिजली कर्मचारी मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन बिना काम पूरा किए लौट गए। इससे लोगों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी है।
ट्रांसफॉर्मर फुंका, पानी संकट ने बढ़ाई परेशानी
नीलमथा की शाही नूर कॉलोनी में ट्रांसफॉर्मर खराब होने से 500 से ज्यादा घर 26 घंटे तक अंधेरे में डूबे रहे। बिजली न होने से पानी की सप्लाई भी बंद हो गई। जलकल विभाग का टैंकर पहुंचा, लेकिन सीमित पानी मिलने से लोगों में असंतोष फैल गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद विभाग समय पर ट्रांसफॉर्मर बदलने में विफल रहा।
बिजली संकट पर सियासत भी तेज
राजधानी में बढ़ते बिजली संकट को लेकर राजनीति भी गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इस स्थिति को “महा विद्युत आपदा” करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली व्यवस्था संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है और जनता गर्मी में त्राहि-त्राहि कर रही है। दूसरी ओर बिजली विभाग का कहना है कि बढ़ती मांग और तकनीकी दिक्कतों के कारण परेशानी बढ़ी है, जिसे जल्द नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
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