स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर सख्ती : दो घंटे में बिजली न जुड़ी तो पावर कॉरपोरेशन पर लगेगा जुर्माना, 15 दिनों के अंदर देना होगा जवाब

लखनऊ|24 अप्रैल 2026
दो घंटे में बिजली न जुड़ी तो पावर कॉरपोरेशन पर लगेगा जुर्माना, 15 दिनों के अंदर देना होगा जवाब

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। अब यदि रिचार्ज के बाद दो घंटे के भीतर बिजली कनेक्शन बहाल नहीं होता है तो संबंधित विभाग पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। आयोग ने इस मामले में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

नियामक आयोग ने स्पष्ट किया है कि रिचार्ज के बाद अधिकतम दो घंटे में बिजली आपूर्ति बहाल होना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं होता है तो इसे स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। आयोग ने पूछा है कि क्यों न इस लापरवाही पर प्रतिदिन एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाए। इस संबंध में 15 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

लाखों उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ी परेशानी

स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था लागू होने के बाद से कई तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। कॉरपोरेशन के अनुसार करीब 1,93,143 उपभोक्ताओं के कनेक्शन रिचार्ज के दो घंटे बाद भी बहाल नहीं हुए। यह संख्या काफी बड़ी है। इससे साफ है कि सिस्टम में गंभीर खामियां मौजूद हैं। उपभोक्ताओं को घंटों अंधेरे में रहना पड़ा। नियम के मुताबिक 95% कनेक्शन दो घंटे के भीतर जुड़ने चाहिए लेकिन कई दिनों में यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। रिपोर्ट के अनुसार कुछ दिनों में सिर्फ 77% कनेक्शन ही समय पर बहाल हुए। यह स्थिति आयोग के लिए चिंता का विषय बन गई है।

मुख्यमंत्री ने भी जताई नाराजगी

स्मार्ट मीटर की खामियों को लेकर योगी आदित्यनाथ पहले ही नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए तकनीकी समिति गठित की है। जांच के चलते फिलहाल पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 70 लाख से ज्यादा मीटर प्रीपेड मोड में हैं। इतनी बड़ी संख्या में उपभोक्ता इस व्यवस्था से जुड़े हैं। इसलिए छोटी-सी तकनीकी गड़बड़ी भी बड़े स्तर पर परेशानी पैदा कर रही है।

उपभोक्ता परिषद ने उठाई बड़ी मांग

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने भी इस मुद्दे को उठाया है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की है। उन्होंने बिना अनुमति लगाए गए मीटर को पोस्टपेड में बदलने का प्रस्ताव भी दिया है। इस पर जल्द फैसला लेने की मांग की गई है।

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