लखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ सपा का प्रदर्शन: कई कार्यकर्ताओं के कपड़े फटे, पुलिस ने हिरासत में लिया

लखनऊ|08 मई 2026
कई कार्यकर्ताओं के कपड़े फटे, पुलिस ने हिरासत में लिया

राजधानी में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच उस समय तीखी झड़प हो गई, जब सपाई चुनाव आयोग का घेराव करने के लिए मार्च निकालते हुए बापू भवन के पास पहुंच गए। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की। इसके बाद मौके पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कई कार्यकर्ताओं के कपड़े तक फट गए। बाद में पुलिस ने कई सपाइयों को हिरासत में लेकर गाड़ियों में बैठा दिया।

प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर लेकर पहुंचे थे। कई पोस्टरों पर “लोकतंत्र निशाने पर है” और “चुनाव आयोग जवाब दो” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया।

बापू भवन के पास रोका गया मार्च

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता शुक्रवार दोपहर संगठित होकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने निकले थे। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी को लेकर वे चुनाव आयोग कार्यालय की तरफ मार्च कर रहे थे। हालांकि पुलिस पहले से अलर्ट मोड पर थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी बापू भवन के पास पहुंचे, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। यहां पहले से बैरिकेडिंग लगाई गई थी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। कार्यकर्ताओं ने जब आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस और सपाइयों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जानकारी के मुताबिक, कुछ देर के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। कई कार्यकर्ता जमीन पर गिर पड़े। इस दौरान अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्ती दिखाई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

सपाइयों ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन में शामिल सपा कार्यकर्ता प्रवेश यादव और प्रकाश मौर्य ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन पुलिस वाहनों में बैठाया गया और विरोध करने पर अभद्रता की गई। कुछ कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके कपड़े फट गए और उन्हें धक्का देकर हटाया गया। सपाइयों ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना उनका अधिकार है, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ भी नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष रहकर काम करना चाहिए और जनता के भरोसे को बनाए रखना चाहिए।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बापू भवन और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी के जवान भी मौके पर मौजूद थे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए लगातार अनाउंसमेंट भी कराए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन कुछ लोग बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के बाद यातायात व्यवस्था भी सामान्य कराई।

कुछ देर बाधित रहा ट्रैफिक

प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के कारण बापू भवन और आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने वैकल्पिक रूट डायवर्ट कर ट्रैफिक को नियंत्रित किया।

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