यूपी विधानमंडल विशेष सत्र में हंगामा: राजभर और डिप्टी सीएम का विपक्ष पर हमला, महिला आरक्षण पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने

उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में आज माहौल काफी गरम रहा। महिला आरक्षण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। सत्र में नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। सरकार ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक रणनीति करार दिया। पूरे सत्र के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। इस बहस ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीति की झलक भी दिखा दी।
सत्र को संबोधित करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये दल महिलाओं का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही, लेकिन महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया। अब जब केंद्र सरकार यह कदम उठा रही है तो विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। राजभर ने कहा कि सपा ने समाज के हर वर्ग को धोखा दिया है। केवट, जाट, मल्लाह जैसे समुदायों का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि सभी को भ्रमित किया गया। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
सपा का पलटवार
वहीं रागिनी सोनकर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह सत्र महिलाओं के अधिकारों के लिए नहीं बल्कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत बुलाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार गंभीर थी तो 2023 में पास बिल की अधिसूचना 2026 में क्यों जारी हुई। उन्होंने कविता के जरिए भी महिलाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। सोनकर ने कहा कि सपा सरकार ने पंचायत स्तर पर महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया था। जबकि भाजपा केवल नारेबाजी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं के मुद्दे को सत्ता पाने के लिए इस्तेमाल कर रही है।
कांग्रेस की मांग
सत्र में आराधना मिश्रा मोना ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर है तो 2027 विधानसभा चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि देश को पहली महिला प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कांग्रेस ने ही दिए। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को मताधिकार और युवाओं को 18 साल में वोट देने का अधिकार भी कांग्रेस की देन है। उन्होंने मांग की कि पास हो चुके बिल को तुरंत लागू किया जाए। इस पर सुरेश खन्ना ने कहा कि परिसीमन के बिना यह संभव नहीं है। हालांकि कांग्रेस ने इस तर्क को खारिज किया।
डिप्टी सीएम का बयान
उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सपा महिला सम्मान की बात करती है लेकिन इतिहास कुछ और कहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बसपा ने समर्थन वापस लिया था, तब सपा कार्यकर्ताओं ने स्टेट गेस्ट हाउस में मायावती को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग आज महिला सम्मान की बात कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने फूलन देवी का जिक्र करते हुए भी सपा पर निशाना साधा।
सीएम योगी का जवाब
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी बढ़ी है। इसका असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर सपा महिला आरक्षण की बात करती है तो पहले अपने पुराने व्यवहार की समीक्षा करे। वहीं सपा नेता संग्राम यादव ने सीएम के भाषण को पुराना बताते हुए कहा कि सरकार हर बार वही बातें दोहराती है।
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