योगी कैबिनेट विस्तार में आठ नेताओं को मौका: दो कैबिनेट मंत्री; छह नए चेहरों की एंट्री, भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय बने कैबिनेट मंत्री

योगी आदित्यनाथ सरकार का दूसरा कैबिनेट विस्तार रविवार को हुआ। राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। कुल आठ नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली। इनमें दो कैबिनेट मंत्री बनाए गए। वहीं छह नेताओं को नई जिम्मेदारी मिली। दो राज्य मंत्रियों को प्रमोशन मिला। कार्यक्रम में भाजपा नेताओं की मौजूदगी रही। नए मंत्रियों ने राज्यपाल के सामने शपथ ली। समारोह के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई। विपक्ष ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कई नेताओं ने इसे बड़ा राजनीतिक संदेश बताया।
सबसे पहले भाजपा नेता भूपेंद्र चौधरी ने शपथ ली। इसके बाद मनोज पांडेय ने मंत्री पद संभाला। दोनों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। मनोज पांडेय पहले समाजवादी पार्टी में थे। राज्यसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा का समर्थन किया था। बाद में सपा ने उन्हें बाहर कर दिया। अब उन्हें योगी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिली। राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज रही। कई नेताओं ने इसे रणनीतिक फैसला बताया। भाजपा ने सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की। समारोह में नेताओं के समर्थक भी मौजूद रहे।
छह नए चेहरों को मिली जिम्मेदारी
अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन मिला। दोनों अब स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री बने। इसके बाद कृष्णा पासवान ने शपथ ली। कैलाश राजपूत को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली। सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा शामिल किए गए। सभी नेताओं ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ के बाद नेताओं ने मुख्यमंत्री का आशीर्वाद लिया। कई मंत्रियों ने राज्यपाल के पैर भी छुए। समारोह में भाजपा संगठन के नेता मौजूद रहे। नए मंत्रियों में सामाजिक संतुलन दिखाई दिया। इसमें ओबीसी और दलित चेहरों को महत्व मिला।
महिला और दलित चेहरे पर खास फोकस
कृष्णा पासवान की चर्चा सबसे ज्यादा रही। वह पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रह चुकी हैं। अब उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली। भाजपा ने दलित और पिछड़े वर्ग पर फोकस किया। नए मंत्रियों में एक ब्राह्मण चेहरा भी शामिल है। राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे सामाजिक रणनीति बताया। लोकसभा चुनाव के बाद यह बड़ा विस्तार माना गया। योगी सरकार में अब कुल 60 मंत्री हो गए। इससे पहले मार्च 2024 में विस्तार हुआ था। भाजपा संगठन इसे संतुलित फैसला बता रहा है। पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री को बधाई दी।
मंत्री पद न मिलने पर बढ़ी नाराजगी
कैबिनेट विस्तार के बाद नाराजगी भी सामने आई। भाजपा विधायक आशा मौर्या ने सवाल उठाए। उन्होंने मौर्य समाज की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि दलबदलू नेताओं को ज्यादा महत्व मिला। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से नाराजगी जताई। वहीं विपक्ष ने भी प्रतिक्रिया दी। नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि मनोज पांडेय को सपा निकाल चुकी है। इसलिए उनकी शपथ नियमों के खिलाफ नहीं। उन्होंने कहा कि निष्कासन के बाद विधायक स्वतंत्र माना जाता है। कैबिनेट विस्तार के बाद प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई।
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