सपनों की दौड़ में थम गई जिंदगी: नीट परीक्षा के बाद छात्रा ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- ‘मेरे से कुछ नहीं हो सकता भैया जी’

सदर कोतवाली क्षेत्र में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के चलते फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें उसने लिखा है, “मेरे से कुछ नहीं हो सकता मेरे भैया जी।” सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के चौपरिया कंचनपुर गांव की है। मृतक छात्रा डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। उसी लक्ष्य को लेकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। परिवार के अनुसार उसने तीन मई को नीट की परीक्षा दी थी। लेकिन परीक्षा के बाद से वह लगातार तनाव में चल रही थी। बताया जा रहा है कि परीक्षा अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने के कारण वह खुद को असफल मानने लगी थी। सोमवार दोपहर जब वह घर में अकेली थी, तभी उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। परिजन उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर भाई के नक्शेकदम पर चलना चाहती थी
मृतका के बड़े भाई अभिनव भारती वर्ष 2021 बैच के एमबीबीएस डॉक्टर हैं। वर्तमान में देवरिया मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रहे हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि छात्रा भी अपने भाई की तरह डॉक्टर बनना चाहती थी। इसी सपने को पूरा करने के लिए लंबे समय से तैयारी कर रही थी। अभिनव भारती ने बताया कि परीक्षा के बाद बहन काफी परेशान रहने लगी थी। परिवार लगातार उसका मनोबल बढ़ाने का प्रयास कर रहा था। उसे भरोसा दिलाया गया था कि यदि सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं भी मिला तो बीएएमएस, निजी मेडिकल कॉलेज या अन्य विकल्पों के माध्यम से उसकी पढ़ाई जारी रखवाई जाएगी।

आंसर-की मिलान के बाद बढ़ी चिंता
परिजनों के अनुसार नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक विवाद और परीक्षा दोबारा कराए जाने की चर्चाओं ने भी छात्रा को मानसिक रूप से प्रभावित किया था। बीते एक महीने से वह तनाव में थी। पढ़ाई पर भी ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रही थी। रविवार को उसने आंसर-की के आधार पर अपने उत्तरों का मिलान किया। इसके बाद उसकी चिंता और बढ़ गई। उसे लगने लगा कि उसका चयन नहीं हो पाएगा। परिवार का मानना है कि इसी मानसिक दबाव ने उसे यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
सिर्फ 15 मिनट के लिए बाहर गया था भाई
अभिनव भारती ने बताया कि घटना के समय वह घर पर ही मौजूद थे। लेकिन कुछ जरूरी काम से करीब 15 मिनट के लिए बाहर गए थे। इसी दौरान छात्रा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि परिवार की ओर से उस पर कभी किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया। सभी लोग उसे लगातार यह विश्वास दिला रहे थे कि उसका भविष्य सुरक्षित है। हर हाल में उसकी पढ़ाई पूरी कराई जाएगी।
जांच में जुटी पुलिस
मृतका के पिता अमरजीत किसान हैं। परिवार ने बेटी की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में हरसंभव सहयोग दिया था। दो भाइयों के बीच वह इकलौती बहन थी। घटना के बाद गांव और परिवार में शोक का माहौल है। सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक निर्भय सिंह ने बताया कि छात्रा की बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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