20 हजार रुपये रिश्वत लेते बैंककर्मी और डीड राइटर अरेस्ट: लोन की किस्त जारी करने के नाम पर मांग रहे थे घूस, एंटी करप्शन की टीम ने रंगेहाथ दबोचा

महाराजगंज|1 घंटा पहले
लोन की किस्त जारी करने के नाम पर मांग रहे थे घूस, एंटी करप्शन की टीम ने रंगेहाथ दबोचा

जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (गोरखपुर) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के एक कर्मचारी और एक डीड राइटर को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ अरेस्ट कर लिया। आरोप है कि शिकायतकर्ता के पिता के नाम स्वीकृत ऋण की दूसरी किस्त जारी करने के एवज में दोनों आरोपियों द्वारा घूस की मांग की जा रही थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एंटी करप्शन टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप बिछाकर दोनों को दबोच लिया। कार्रवाई के बाद बैंकिंग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

भ्रष्टाचार निवारण संगठन को शिकायत मिली थी कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की महराजगंज शाखा से जुड़े अधिकारी ऋण की दूसरी किस्त जारी करने के लिए अवैध धनराशि की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया को जानबूझकर लंबित रखा गया। फाइल आगे बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई। शिकायत मिलने के बाद संगठन ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

जाल बिछाकर की गई कार्रवाई

सत्यापन के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप टीम ने कार्रवाई की रणनीति तैयार की। मंगलवार दोपहर करीब 12:45 बजे नगर पंचायत चौक स्थित ठेकी चौराहा के पास पाल स्वीट्स हाउस एवं जलपान गृह में जाल बिछाया गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय योजना के अनुसार आरोपियों को रिश्वत की रकम सौंपी। टीम ने तत्काल छापा मारकर दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक, महराजगंज शाखा में तैनात सहायक फील्ड ऑफिसर हरेराम प्रसाद तथा डीड राइटर एवं अवैतनिक चपरासी जय ओम के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। क्षेत्र में घटना चर्चा का विषय बन गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को थाना चौक ले जाया गया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत में प्रयुक्त रकम और अन्य आवश्यक साक्ष्य भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

जारी रहेगा अभियान

भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अधिकारियों ने कहा कि सरकारी योजनाओं, ऋण प्रक्रियाओं और जनहित सेवाओं में रिश्वतखोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन लगातार शिकायतों की निगरानी कर रहा है। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है। यदि कोई सरकारी कर्मचारी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित एजेंसियों को दें। जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।