मथुरा में पुलिस एनकाउंटर में दो इनामी डकैत ढेर: कारोबारी के घर डकैती डालने वाले बदमाशों को मार गिराया, मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल

मथुरा|07 मई 2026
कारोबारी के घर डकैती डालने वाले बदमाशों को मार गिराया, मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल

मथुरा जिले में गुरुवार सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में बाबरिया गिरोह के दो इनामी डकैत मारे गए। दोनों बदमाशों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। मारे गए डकैतों की पहचान धर्मवीर उर्फ लंबू और राजेंद्र उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के रहने वाले थे और हाल ही में मथुरा में एक कारोबारी के घर हुई बड़ी डकैती में शामिल थे। पुलिस ने इनके पास से हथियार, लूटा गया सामान और बाइक बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह इनपुट मिला था कि डकैती करने वाले बदमाश यमुना एक्सप्रेस-वे के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वाट टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। सुबह करीब सात बजे दोनों बदमाश पल्सर बाइक से आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों भागने लगे। भागने के दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इसके बाद दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। गोली लगने से दोनों घायल हो गए। पुलिस उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

कारोबारी के घर डाली थी सनसनीखेज डकैती

मारे गए बदमाशों ने 23 अप्रैल की रात मथुरा के टैंटीगांव में किराना कारोबारी अजय अग्रवाल के घर डकैती डाली थी। रात करीब साढ़े 12 बजे पांच नकाबपोश बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे थे। बदमाशों ने कारोबारी अजय अग्रवाल, उनके पिता प्रेम प्रकाश अग्रवाल, पत्नी अनीता अग्रवाल और छह साल की बच्ची उमा को रस्सियों से बांध दिया था। इसके बाद बदमाशों ने गन प्वाइंट पर पूरे परिवार को बंधक बनाकर लॉकर की चाबी ली। करीब ढाई घंटे तक घर में लूटपाट की गई। बदमाश करीब 20 लाख रुपए के जेवर, नकदी और कीमती सामान लेकर फरार हो गए थे। जाते समय उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी उखाड़ लिया था, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।

17 टीमों ने की थी बदमाशों की तलाश

डकैती की वारदात के बाद मथुरा पुलिस हरकत में आ गई थी। एसएसपी श्लोक कुमार ने घटना के खुलासे के लिए 17 टीमें गठित की थीं। पुलिस ने 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। करीब 500 संदिग्धों और अन्य लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस ने 10 जिलों में दबिश देकर गिरोह की तलाश की। जांच में सामने आया कि दोनों बदमाश नोएडा, दिल्ली, पलवल, रेवाड़ी और खैर समेत कई इलाकों में वारदात कर चुके थे। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह नाम बदल-बदलकर अपराध करता था और कई बार जेल भी जा चुका था।

कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर मुकदमे

डकैत धर्मवीर उर्फ लंबू पर मथुरा, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी और छिनैती समेत 16 मुकदमे दर्ज थे। वहीं राजेंद्र उर्फ पप्पू पर मेरठ, फिरोजाबाद, मथुरा, दिल्ली और हरियाणा में 11 आपराधिक मामले दर्ज थे। धर्मवीर राजस्थान के भरतपुर जिले के बोकाली गांव का रहने वाला था, जबकि राजेंद्र अलवर जिले के बहरोड़ क्षेत्र का निवासी था।

कारोबारी बोला- पुलिस ने बढ़िया काम किया

डकैतों के मारे जाने की खबर सुनकर कारोबारी अजय अग्रवाल और उनका परिवार राहत महसूस कर रहा है। अजय अग्रवाल ने कहा कि पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि डकैती के बाद पूरा परिवार डरा हुआ था। अब बदमाशों के मारे जाने से उन्हें न्याय मिलने जैसा महसूस हो रहा है।

रेकी कर बनाते थे निशाना

एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि बाबरिया गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य पहले कई दिनों तक इलाके में घूमकर रेकी करते थे। इसके बाद मौका मिलते ही हाइवे किनारे बने मकानों को निशाना बनाते थे। वारदात के बाद बाइक से आसानी से फरार हो जाते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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