सिद्धार्थनगर में 29% आशाओं का प्रसव रिकॉर्ड शून्य: स्वास्थ्य विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण, समीक्षा में सामने आई चिंताजनक स्थिति

उत्तरप्रदेश|10 घंटे पहले
स्वास्थ्य विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण, समीक्षा में सामने आई चिंताजनक स्थिति

जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। मई माह में 818 आशा कार्यकर्ताओं द्वारा एक भी संस्थागत प्रसव नहीं कराए जाने का मामला उजागर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित आशा कार्यकर्ताओं से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

जिले में वर्तमान में 2,851 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इनमें से करीब 29 प्रतिशत आशाओं का मई माह में संस्थागत प्रसव का प्रदर्शन पूरी तरह शून्य रहा। यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब सरकार मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव को सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शामिल कर रही है। इसी कार्य के आधार पर आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।

भनवापुर और मिठवल ब्लॉक का प्रदर्शन सबसे कमजोर

विभागीय समीक्षा में भनवापुर और मिठवल ब्लॉक की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक मिली। भनवापुर ब्लॉक की 282 आशाओं में से 104 तथा मिठवल ब्लॉक की 244 आशाओं में से 135 आशा कार्यकर्ताओं ने पूरे महीने एक भी संस्थागत प्रसव नहीं कराया। वहीं, बांसी ब्लॉक में केवल तीन आशाओं का प्रदर्शन शून्य दर्ज किया गया, जिससे विभिन्न ब्लॉकों की कार्यप्रणाली में स्पष्ट अंतर सामने आया है।

आशाओं की जिम्मेदारियों पर विभाग सख्त

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका केवल गर्भवती महिलाओं की पहचान तक सीमित नहीं है। उन्हें गर्भावस्था के शुरुआती चरण से ही नियमित संपर्क बनाए रखना, कम से कम चार प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित कराना, समय पर टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श देना तथा प्रसव पीड़ा शुरू होने पर गर्भवती महिला को सरकारी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाकर सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी है। इसके अलावा प्रसव के बाद नवजात और प्रसूता की घर-घर जाकर निगरानी करना भी उनकी अहम जिम्मेदारियों में शामिल है। विभाग का कहना है कि सभी संबंधित आशाओं से जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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