बुलंदशहर में बीच सड़क अंधाधुंध फायरिंग में दो की मौत: कार से कुचला, पैसों के विवाद में किया मर्डर

उत्तरप्रदेश|1 घंटा पहले
कार से कुचला, पैसों के विवाद में किया मर्डर

जिले के सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के निजामपुर गांव में पैसों के लेनदेन का विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। बीच सड़क दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। इसके बाद दोनों ओर से करीब 15 मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इस दौरान दो लोगों की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। आरोप है कि फायरिंग के बाद एक घायल को कार से कुचल दिया गया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।

जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित निजामपुर गांव के रहने वाले सोनू (42) और अजब सिंह (48) के बीच लंबे समय से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चला आ रहा था। सोनू अपने साथियों प्रशांत और सत्तू के साथ कार से गांव लौट रहा था। उसी दौरान अजब सिंह अपने साथियों उत्तम और रतन के साथ स्कॉर्पियो से आ रहा था। गांव से करीब दो किलोमीटर पहले दोनों पक्षों का आमना-सामना हो गया। पहले दोनों के बीच तीखी बहस हुई। लेकिन कुछ ही देर में मामला हिंसक हो गया और दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई।

15 मिनट तक चली फायरिंग

जानकारी के अनुसार करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों की ओर से 20 से 22 राउंड गोलियां चलीं। फायरिंग में सोनू और अजब सिंह के सीने में गोली लगी, जबकि रतन और अरविंद के पैर में भी गोली लगी। दोनों पक्षों के लोग सड़क पर घायल होकर गिर पड़े। आरोप है कि इसी दौरान अजब सिंह को उसके साथी स्कॉर्पियो से अस्पताल ले जाने लगे, जबकि सड़क पर पड़े सोनू के ऊपर कार चढ़ा दी गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उधर, गंभीर रूप से घायल अजब सिंह को ग्रेटर नोएडा ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गांव में तनाव, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

दोहरी हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ ही आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है।

सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार

बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद सोनू का शव गांव लाया गया। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस सुरक्षा के बीच उसका अंतिम संस्कार कराया गया। अंतिम संस्कार में केवल परिवार के 10 से 15 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति दी गई। मृतक सोनू अपने पीछे पिता यादराम, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गया है। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना की वजह पैसों का लेनदेन सामने आया है। मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है। दोनों गुटों के कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। घायलों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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