गोरखपुर में बदलते मौसम से बढ़ी उमस: दिनभर छाए रहेंगे बादल, सप्ताहभर रुक-रुक कर बारिश के आसार

मानसून सक्रिय होने के बावजूद शहर में लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। बुधवार को दिनभर मौसम का मिजाज बदलता रहा। कभी आसमान पर घने बादलों ने डेरा डाला तो कुछ ही देर बाद हल्की धूप निकल आई। बादल और धूप के इस लगातार बदलते क्रम के बीच हवा में नमी अधिक रहने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक रुक-रुक कर बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा होने की भी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हालांकि वातावरण में नमी अधिक होने के कारण उमस बनी रहेगी। विभाग का अनुमान है कि शाम तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
22 जुलाई तक एक्टिव रहेगा मानसून
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 से 22 जुलाई तक गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस अवधि में लगभग प्रतिदिन हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लगातार वर्षा के चलते तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने के आसार हैं।
18 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट
पूरे सप्ताह में 18 जुलाई को सबसे अधिक वर्षा होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। शहर में दिनभर कई दौर की बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज से भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले हिस्सों और जलभराव वाले क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा जारी
अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि बारिश के बावजूद हवा में नमी अधिक रहने से उमस पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। लेकिन तापमान में गिरावट से लोगों को राहत मिलेगी।
मौसम विभाग ने बरतने को कहा एहतियात
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी सप्ताह में होने वाली वर्षा धान समेत खरीफ की फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी। वहीं, लगातार बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को घर से निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखने, जलभराव वाले रास्तों से बचने और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
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