मंदिर की भूमि बनी विवाद की वजह: मृत पुजारी के नाम पर बैनामा कराने का आरोप, भाजपा नेता समेत चार पर केस

कुशीनगर के पडरौना नगर स्थित वन शक्ति देवी मंदिर की भूमि के कथित फर्जी बैनामे का मामला अब कानूनी जांच के दायरे में आ गया है। पुलिस ने भाजपा नेता नथुनी प्रसाद कुशवाहा उर्फ एनपी कुशवाहा समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि करीब 50 वर्ष पहले मृत हो चुके व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर मंदिर की भूमि का बैनामा कराया गया। मामले के सामने आने के बाद जिले में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जटहा रोड निवासी लालबाबू गुप्ता की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के अनुसार, ग्राम जंगल बेलवा स्थित गाटा संख्या-1195 की आठ डिसमिल भूमि मूल रूप से नाजिर पुत्र नेपाल के नाम दर्ज थी। इसी भूमि पर वन शक्ति देवी मंदिर स्थित है। शिकायतकर्ता का कहना है कि नाजिर मंदिर के पुजारी थे। उनका निधन लगभग पांच दशक पहले हो चुका है। उनके कोई उत्तराधिकारी भी नहीं हैं। इसके बावजूद उनके नाम से कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर भूमि का बैनामा करा लिया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 27 जुलाई 2024 को भाजपा नेता एनपी कुशवाहा ने उक्त भूमि का बैनामा अपने नाम कराया। इसमें कुछ अन्य लोगों की भी भूमिका बताई गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि बैनामे में जिस व्यक्ति की तस्वीर लगी है। उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष प्रतीत होती है। जबकि वास्तविक खातेदार का निधन वर्षों पहले हो चुका था। इसे फर्जीवाड़े का अहम प्रमाण बताया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि मामले में एनपी कुशवाहा, पारसनाथ कुशवाहा, राजेंद्र तथा एक अज्ञात विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है। सभी तथ्यों का सत्यापन कराया जा रहा है। विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा नेता ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, नामजद भाजपा नेता एनपी कुशवाहा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि भूमि की खरीद से पहले उन्होंने पूरी जांच-पड़ताल कराई थी। राजस्व विभाग के अधिकारियों से भी जानकारी ली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से विवाद खड़ा कर रहे हैं।
कुशवाहा ने कहा कि बिना पर्याप्त जांच के मुकदमा दर्ज किया गया है। वह न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। फिलहाल पुलिस जांच जारी है। पूरे मामले पर जिले की नजरें टिकी हुई हैं।
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