घर पर बनाएं असली इंदौरी पोहा: स्वाद और खुशबू से जीत लेगा सबका दिल, जीरा और सेव का कमाल

भारत के लोकप्रिय नाश्तों में पोहा का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। लेकिन जब बात इंदौरी पोहे की होती है तो इसका स्वाद और पहचान दोनों ही अलग नजर आते हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर का पोहा अपनी हल्की मिठास, सुगंधित मसालों, कुरकुरी सेव और खास जीरा मसाले के कारण देशभर में मशहूर है।
यही वजह है कि लोग घर पर भी वही स्वाद पाने की कोशिश करते हैं। लेकिन कई बार सही विधि की जानकारी न होने के कारण पोहा बाजार जैसा नहीं बन पाता। यदि कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो घर पर भी बिल्कुल असली इंदौरी पोहा तैयार किया जा सकता है।
सही पोहे का चयन है सबसे जरूरी
इंदौरी पोहा बनाने की शुरुआत सही गुणवत्ता वाले पोहे के चयन से होती है। इसके लिए हमेशा मोटा या मीडियम फ्लेक्स वाला पोहा इस्तेमाल करना चाहिए। यह पकने के बाद फूला-फूला और दानेदार बना रहता है। पतला पोहा जल्दी गल जाता है और उसका टेक्सचर खराब हो सकता है। इसलिए ताजे और अच्छी गुणवत्ता वाले पोहे का चयन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
पोहे को भिगोने की नहीं, सिर्फ धोने की जरूरत
इंदौरी पोहे की सबसे खास तकनीक यही है कि इसे पानी में भिगोया नहीं जाता। पोहे को केवल छलनी में रखकर हल्के पानी से धोया जाता है। इसके बाद पांच मिनट के लिए अलग रख दिया जाता है। जिससे वह हल्की नमी सोखकर नरम हो जाए। यही तरीका पोहे को चिपचिपा होने से बचाता है। उसका असली दानेदार रूप बनाए रखता है।
तड़के में छिपा है असली स्वाद
इंदौरी पोहे का स्वाद उसके विशेष तड़के में छिपा होता है। कड़ाही में तेल गर्म कर उसमें राई, जीरा, करी पत्ता, हरी मिर्च और मूंगफली डाली जाती है। मूंगफली को सुनहरा होने तक भूनने से पोहे में शानदार कुरकुरापन आता है। इसके बाद बारीक कटा प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक पकाया जाता है। यही मिश्रण पोहे को उसकी खास खुशबू और स्वाद प्रदान करता है।
मसालों का संतुलन बनाता है खास
तड़के में हल्दी, नमक और थोड़ी मात्रा में चीनी मिलाई जाती है। इंदौरी पोहे की पहचान उसके हल्के मीठे और नमकीन स्वाद के संतुलन में छिपी होती है। इसके बाद धुला हुआ पोहा डालकर बहुत हल्के हाथों से मिलाया जाता है। जिससे उसके दाने टूटें नहीं और टेक्सचर बना रहे।
सेव और जीरा मसाला देते हैं फाइनल टच
तैयार पोहे के ऊपर बारीक सेव, हरा धनिया, बारीक कटा प्याज और नींबू का रस डाला जाता है। इसके बाद जीरा मसाला छिड़ककर उसे असली इंदौरी स्वाद दिया जाता है। यही अंतिम चरण पोहे को स्ट्रीट स्टाइल स्वाद प्रदान करता है।
इन टिप्स को न करें नजरअंदाज
इंदौरी पोहा बनाते समय पोहे को कभी पानी में भिगोकर न रखें। मूंगफली और करी पत्ते का उपयोग जरूर करें। हल्की मात्रा में चीनी डालना न भूलें। परोसने से पहले जीरा मसाला अवश्य डालें। यदि इसे जलेबी के साथ परोसा जाए तो स्वाद और भी शानदार हो जाता है। इंदौर की गलियों में मिलने वाला प्रसिद्ध पोहा अब घर की रसोई में भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। सही सामग्री, संतुलित मसाले और पारंपरिक विधि अपनाकर कोई भी व्यक्ति इस लोकप्रिय नाश्ते का असली स्वाद अपने घर में ले सकता है।
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