चेहरे पर निकले मुंहासे का शरीर के अंदर से होता है कनेक्शन: अपनाएं संतुलित जीवनशैली, हार्मोनल बदलाव और तैलीय त्वचा भी मुंहासे के कारण

1 घंटा पहले
अपनाएं संतुलित जीवनशैली, हार्मोनल बदलाव और तैलीय त्वचा भी मुंहासे के कारण

मुंहासे त्वचा की एक सामान्य समस्या है। चेहरे पर बार-बार मुंहासे निकलने की मुख्य वजह हार्मोनल बदलाव, तैलीय त्वचा, बैक्टीरिया का संक्रमण और बंद रोमछिद्र हैं। जब त्वचा की तेल ग्रंथियां जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, तो मृत कोशिकाएं और गंदगी मिलकर रोमछिद्रों को ब्लॉक कर देती हैं, जिससे वहां सूजन और दाने उभरने लगते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मुंहासे केवल त्वचा की समस्या नहीं, बल्कि इसका शरीर के भीतर से भी गहरा कनेक्शन हो सकता है। खराब जीवनशैली, तनाव, हार्मोनल बदलाव, प्रदूषण और खानपान की गड़बड़ आदतों ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। अक्सर लोग मान लेते हैं कि मुंहासे सिर्फ तैलीय त्वचा या गंदगी की वजह से होते हैं लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो मुंहासों के पीछे एक जटिल जैविक प्रक्रिया काम करती है।

मुंहासे होने के कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं ये एक आम समस्या है। जब त्वचा के रोमछिद्र अतिरिक्त तेल, डेड सेल्स और बैक्टीरिया के कारण बंद हो जाते हैं तब आपको मुंहासे होते हैं। मुंहासे बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं- अत्यधिक सीबम (तेल) बनना, रोमछिद्रों का बंद होना, कुछ प्रकार के बैक्टीरिया और शरीर की सूजन संबंधी प्रतिक्रिया। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है जब ऑयल ग्लैंड्स ज्यादा तेल बनाती हैं, तो मृत कोशिकाएं उसके साथ मिलकर रोमछिद्र बंद कर देती हैं। इस बंद जगह में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और प्रतिरक्षा तंत्र उन्हें खत्म करने के लिए सूजन पैदा करता है। यही सूजन लाल, दर्दनाक और पस वाले मुंहासों का कारण बनती है। इसलिए केवल चेहरा साफ रखना ही काफी नहीं होता, बल्कि त्वचा के अंदर होने वाली इस पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करना भी जरूरी होता है।

पीरियड्स और हार्मोनल बदलाव से बढ़ते है मुंहासे

किशोरावस्था में एंड्रोजन हार्मोन बढ़ने से ऑयल ग्लैंड्स अधिक सक्रिय हो जाती हैं और अतिरिक्त सीबम बनने लगता है। इसके अलावा महिलाओं में पीरियड्स, गर्भावस्था, रजोनिवृत्ति या पीसीओएस जैसी स्थितियों में भी हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण मुंहासे बढ़ सकते हैं।

पिंपल्स को फोड़ने से बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ, मीठे पेय, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें ज्यादा खाने से मुंहासे का खतरा अधिक हो सकता है। इसके अलावा पर्याप्त नींद न लेना, लगातार तनाव में रहना और धूम्रपान जैसी आदतें भी त्वचा की सूजन को बढ़ा सकती हैं। अक्सर लोग मुंहासे होने पर बार-बार चेहरा धोते हैं या पिंपल्स को फोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे त्वचा में संक्रमण और दाग पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। जरूरत से ज्यादा स्क्रब करना या बिना सलाह के स्टेरॉयड क्रीम लगाना भी नुकसानदायक हो सकता है।

डॉक्टर की सलाह पर करें दवा का इस्तेमाल

त्वचा रोग विशेषज्ञ कहते हैं, हल्के मुंहासों में कुछ क्रीम उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बहुत ज्यादा मुंहासे में एंटीबायोटिक्स की जरूरत पड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुंहासे से बचने के लिए चेहरा साफ रखने की सलाह देते हैं। संतुलित आहार, खूब पानी पीते रहना और तनाव को नियंत्रित करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

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