बारिश में बढ़ जाता है मच्छरों का प्रकोप: फैला सकते है अलग-अलग बीमारियां, जानें लक्षण और बचाव

20 अगस्त 2026
फैला सकते है अलग-अलग बीमारियां, जानें लक्षण और बचाव

हर साल आज के दिन यानि 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों, उनके लक्षणों और बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक किया जाता है। अलग-अलग प्रजातियों के मच्छर अलग-अलग बीमारियां फैला सकते हैं। ऐसे में मच्छरों से बचाव करना बेहद जरूरी है। बहुत से लोगों को इन बीमारियों की जानकारी ही नहीं होती हैं।

मच्छर आकार में छोटा जरूर होता है, लेकिन इसका काटना कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। बारिश और उमस के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और इसके साथ कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

तेज बुखार के साथ डेंगू की शुरूआत

डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। बारिश के मौसम में इसके मामले बढ़ने का खतरा रहता है। डेंगू की शुरुआत अक्सर अचानक तेज बुखार से होती है। इसके साथ तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, कमजोरी, मतली और त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में डेंगू गंभीर रूप ले सकता है। ऐसी स्थिति में पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना, अत्यधिक कमजोरी और बेचैनी जैसे चेतावनी संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए तेज बुखार के साथ ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

मादा एनोफिलीज मच्छर से फैलता है मलेरिया

मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। इसके लक्षण संक्रमण के कुछ समय बाद दिखाई दे सकते हैं। आमतौर पर मरीज को बुखार के साथ ठंड लगना और तेज कंपकंपी महसूस होती है। इसके बाद पसीना आ सकता है और व्यक्ति को काफी कमजोरी महसूस हो सकती है।

सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और कभी-कभी मतली भी इसके लक्षण हो सकते हैं। मलेरिया को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि कुछ प्रकार का मलेरिया गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। समय पर जांच और उचित इलाज बेहद जरूरी है।

जोड़ों में तेज दर्द के साथ चिकनगुनिया

चिकनगुनिया एडीज मच्छरों से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। इसकी सबसे खास पहचान अचानक आने वाला बुखार और जोड़ों में तेज दर्द है। कई बार हाथ-पैर के छोटे-बड़े जोड़ों में दर्द इतना अधिक हो सकता है कि चलने-फिरने में भी परेशानी होने लगती है। इसके अलावा सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, जोड़ों में सूजन और त्वचा पर रैश हो सकते हैं। ज्यादातर लोग कुछ समय में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मरीजों में जोड़ों का दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है। इसलिए लगातार दर्द या कमजोरी रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

गर्भावस्था में जीका वायरस का खतरा

जीका वायरस भी मुख्य रूप से संक्रमित एडीज मच्छरों के जरिए फैलता है। कई लोगों में इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं या दिखाई ही नहीं देते। लक्षण आने पर हल्का बुखार, त्वचा पर लाल चकत्ते, आंखों में लालिमा, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द तथा सामान्य कमजोरी हो सकती है।

जीका संक्रमण गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष चिंता का विषय है। गर्भावस्था के दौरान संक्रमण होने पर अजन्मे बच्चे पर गंभीर असर पड़ने का खतरा हो सकता है। इसलिए गर्भवती महिला में बुखार, रैश या अन्य संबंधित लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।

बच्चों में जापानी इंसेफेलाइटिस का खतरा ज्यादा

जापानी इंसेफेलाइटिस मच्छरों के जरिए फैलने वाली एक गंभीर वायरल बीमारी है। शुरुआत में बुखार, सिरदर्द, उल्टी और कमजोरी जैसे सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि कुछ मामलों में संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंचकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। गंभीर मरीजों में भ्रम, दौरे पड़ना, बेहोशी, गर्दन में अकड़न और चेतना में बदलाव जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल ले जाना जरूरी है। बच्चों में इस बीमारी का जोखिम विशेष रूप से गंभीर हो सकता है। इससे बचाव के लिए मच्छरों से सुरक्षा के साथ-साथ जहां उपलब्ध हो, वहां डॉक्टर की सलाह के अनुसार टीकाकरण भी महत्वपूर्ण है

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