पूर्व मंत्री अमरमणि राजनीति में फिर सक्रिय: फरेंदा से चुनाव लड़ने का किया ऐलान, जनसंवाद कार्यक्रम में की घोषणा

महाराजगंज|10 घंटे पहले
फरेंदा से चुनाव लड़ने का किया ऐलान, जनसंवाद कार्यक्रम में की घोषणा

कवित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के दोषी अमरमणि त्रिपाठी एकबार फिर राजनीति में सक्रिय होने जा रहे हैं। महराजगंज में सक्रियता बढ़ाने के साथ अमरमणि ने 2027 का विधानसभा चुनाव फरेंदा विधान क्षेत्र से लड़ने का ऐलान किया है। फरेंदा में आयोजित एक जन संवाद कार्यक्रम में अमरमणि ने आम लोगों से भेंट की और उनके सामने अपनी बात रखी। इस कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री श्याम नारायण तिवारी भी मौजूद थे।

मधुमिता शुक्ला की हत्या में उम्रकैद की सजा काटने के बाद अमरमणि त्रिपाठी करीब 20 साल बाद लोगों के सामने आए। अमरमणि ने स्वयं के फरेंदा से और बेटे अमनमणि को नौतनवां से विधानसभा का चुनाव लड़ाने की घोषणा की है। जनसंवाद के दौरान अमरमणि त्रिपाठी ने कहा, युवाओं ने श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में सरकारें बदल दीं। भारत में युवाओं के दबाव में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अगली सरकार भी युवा ही तय करेगा।

हमारा रिश्ता केवल चुनाव तक नहीं

अमरमणि त्रिपाठी ने कहा कि हमारा परिवार लंबे समय से जनता के बीच रहकर राजनीति करता आया है। हमारा जनता से रिश्ता केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। हम आगे भी लोगों के बीच रहेंगे और उनके सुख-दुख में साथ सदैव खड़े रहेंगे। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र पर अपना दावा जताते हुए कहा कि यह क्षेत्र पहले भी उनका था और आगे भी रहेगा।

तीन पीढ़ियों से कर रहे जनसेवा

इसके साथ ही जोर देकर कहा कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से जनता की सेवा कर रहा है। फरेंदा विधानसभा से अपने परिवार के पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए अमरमणि ने लोगों को आश्वासन दिया कि वे हर सुख-दुख में साथ खड़े रहेंगे। इस दौरान उनके वादों को लेकर उनके कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल दिखा। अमरमणि की वापसी से क्षेत्र की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

अमनमणि ने किया पिता का समर्थन

अमरमणि के बेटे अमनमणि त्रिपाठी ने भी अपने पिता का समर्थन किया और लोगों से उन्हें चुनाव में जीत दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं यहां अपने पिता के लिए समर्थन मांगने आया हूं ताकि इन बेईमानों पर लगाम लगे। कुछ दिन पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नौतनवा के एक निजी अस्पताल का उद्घाटन किया था। यहां पर अमरमणि के समर्थकों ने अमरमणि और अमनमणि जिंदाबाद के नारे लगाए थे।

जेल से जीता था विधानसभा चुनाव

2007 में यूपी में विधानसभा चुनाव के दौरान बसपा ने अमरमणि को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद सपा ने उन्हें महराजगंज की नौतनवा सीट से प्रत्याशी बनाया। अमरमणि जेल में रहते हुए चुनाव जीत गए थे। हालांकि, इसके कुछ ही महीनों बाद 24 अक्टूबर, 2007 को देहरादून की स्पेशल कोर्ट ने उनको और पत्नी को मधुमिता हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुना दी। इसके साथ ही उनकी विधायकी चली गई थी। एक वक्त था जब अमरमणि की गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में होती थी।

नव्य जागरण

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